“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के बीच मंच के सामने शर्मनाक दृश्य, सवालों के घेरे में स्वास्थ्य महकमा



खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क चकिया‚चन्दौली।
❝ पौधे लगाइए, उन्हें पालिए… पर जब खुद ‘व्यवस्था के डॉक्टर’ ही नींद में हों, तो क्या बचेगा देश का पर्यावरण और स्वास्थ्य? ❞
चकिया के जंगलों में उस दिन हरियाली को लेकर नई उम्मीदें लगाई जा रही थीं।
बड़ी तैयारी थी…
बड़े मंच थे…
बड़े नेता थे…
बड़े अफसर थे…
और फिर… एक बड़ी शर्मिंदगी भी दर्ज हुई — लाइव!
कहते हैं कि एक पौधा भविष्य को संजीवनी देता है, पर जब जनपद का मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ही मंच के सामने नींद में बेसुध मिले, तो पूरा पौधारोपण महा अभियान, सरकार की नीयत और अधिकारियों की सक्रियता पर सवाल छोड़ देता है।

???? पूरा मामला क्या है?
मंगलवार को “वन महोत्सव 2025” और “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत काशी वन्य जीव प्रभाग के चंद्रप्रभा रेंज स्थित जलेबिया मोड़ रोपावनी में एक विशाल पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।
मुख्य अतिथि के तौर पर मंच पर पहुंचे थे —
???? राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), आयुष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग, दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’,
???? जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग,
???? मुख्य विकास अधिकारी, ???? डी एफ ओ ???? स्थानीय विधायक,
???? वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी,
???? और कई अन्य सम्मानित जनप्रतिनिधि।
कार्यक्रम की शुरुआत जोश और उल्लास से हुई। मंत्री जी ने अपने संबोधन में प्रकृति के संरक्षण, औषधीय पौधों की उपयोगिता और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली की आवश्यकता पर जोर दिया।
लोग तालियाँ बजा रहे थे…
मंच की गरिमा अपने चरम पर थी…
पर ठीक उसी वक्त…
CMO डॉ. वाई के राय — जो कि मंच के सामने वाली वीआईपी पंक्ति में विराजमान थे — नींद में झूमते दिखे।

???? कैमरे ने पकड़ ली बेफिक्री, अधिकारियों ने झकझोरा!
कार्यक्रम के दौरान जब मीडिया कैमरों का फोकस दर्शकों की ओर गया, तो यह दृश्य हर किसी को चौंका गया।
जनपद का स्वास्थ्य प्रमुख…
जनता की सेवा का शीर्ष जिम्मेदार अधिकारी…
और वह भी एक सार्वजनिक आयोजन में, जनता के बीच…
नींद में झूलते और आँखें बंद किए बैठे हुए।
बगल में बैठे अधिकारियों ने उन्हें झकझोर कर जगाया, पर तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
सीएमओ साहब की यह तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गईं।
???? क्या यह सामान्य घटना है? या प्रशासनिक अनुशासनहीनता?
किसी सरकारी अधिकारी का खुले मंच पर इस तरह सो जाना महज़ शारीरिक थकान नहीं है।
यह कई गंभीर सवालों को जन्म देता है:
- क्या यह अधिकारी कार्यक्रम में जबरन लाए गए थे?
- क्या उनकी दिलचस्पी इस अभियान में नहीं थी?
- क्या यह प्रशासनिक लापरवाही नहीं है?
- क्या यह जनभावनाओं का अपमान नहीं?
आखिर मंत्री जी का भाषण औषधीय पौधों और स्वास्थ्य के महत्व पर केंद्रित था — और वहीं, जिले का एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी लाचार नींद के आगोश में?
Khabari News को कार्यक्रम में मौजूद कई जागरूक नागरिकों ने बताया कि CMO का यह रवैया “अत्यंत शर्मनाक” और “गंभीर अनुशासनहीनता” के दायरे में आता है।
“जब एक अफसर को कार्यक्रम की गंभीरता का ही बोध न हो, तो वो जनहित में क्या योगदान देगा?”
— अजय कुमार ग्रामीण सामाजिक कार्यकर्ता
???? केवल पौधे नहीं, सोच भी बोने की ज़रूरत
“एक पेड़ माँ के नाम” जैसा भावनात्मक और प्रेरणादायक अभियान सिर्फ फोटो खिंचवाने और गड्ढे खुदवाने तक सीमित नहीं रह सकता।
यह तभी सार्थक होगा जब प्रशासनिक अमला उसे ईमानदारी से निभाए।
CMO जैसे अधिकारी का मंच पर इस तरह का आचरण न केवल जनता के बीच गलत संदेश देता है, बल्कि खुद सरकार की नीति पर भी प्रश्न खड़ा करता है।
???? वीडियो-फोटो वायरल: “Sleeping CMO” बना नया ट्रेंड
कार्यक्रम के कुछ मिनट बाद ही यह दृश्य Facebook, WhatsApp, Instagram, और Twitter/X पर वायरल हो गया।
“#SleepingCMO”, “#GreenMissionFail”, “#CMOKiNeend” जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।
Khabari News को मिली तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि CMO की आँखें बंद हैं, सिर झुका है और चेहरा थकावट या नींद से ग्रस्त दिखाई देता है।
???? Khabari News की अपील: जिम्मेदारों को नींद से जगाइए!
Khabari News की ओर से स्पष्ट और सशक्त मांग है कि:
- ???? सीएमओ से जवाब मांगा जाए
- ???? कार्रवाई सुनिश्चित हो
- ???? अगले आयोजनों में अधिकारी संवेदनशीलता और सजगता के साथ उपस्थित हों
✍️ निष्कर्ष: “एक पेड़ माँ के नाम” तभी सफल होगा जब अधिकारी जागरूक हों
कहावत है – जिसका काम उसी को साजे…
जब स्वास्थ्य विभाग के मुखिया को ही मंच के सामने नींद आ जाए, तो इससे बड़ी त्रासदी कुछ नहीं।
जनता यह नहीं चाहती कि अफसर 24 घंटे जागते रहें, पर एक जागरूक अधिकारी का दायित्व है कि वह कम से कम सार्वजनिक मंच पर अपने आचरण से संस्था की गरिमा बनाए रखे।
???? पेड़ लगाइए…
????️????️ लेकिन पहले नज़र उठाइए और खुद से पूछिए – क्या हम सच में जागे हैं?
???? Exclusive Photo Feature & Full वीडियो लिंक: “Sleeping CMO in Chakia” – केवल Khabari News पर! जल्द
???? www.khabarinewschakia.in/sleepingCMO
???? वीडियो संपादन सहयोग: त्रिनाथ पांडेय, तकनीकी समन्वय: गौतम सिंह, ग्राउंड रिपोर्ट: किशन श्रीवास्तव
???? Khabari News – जन जन की आवाज़, जिम्मेदार पत्रकारिता का नाम
????️ संपादक: के.सी. श्रीवास्तव (एडवोकेट)
???? मुख्य कार्यालय: चकिया, चंदौली | राष्ट्रीय ब्योरो: नई दिल्ली



