- ???? चकिया से शुरू हुआ वृक्षारोपण महाअभियान |
- ग्रीन गार्डियन डॉ. परशुराम सिंह ने दी चेतावनी — “अब भी न जागे तो सिलेंडर में बिकेगी सांस!”
???? चकिया में गूंजा हरियाली का संकल्प — “एक पेड़ माँ के नाम” बना जनांदोलन

???? चकिया के जंगलों में गूंजा प्रकृति का शंखनाद!
9 जुलाई 2025 की सुबह, जब सूरज की पहली किरणें चकिया के जलेबिया मोड़ रोपावनी में पत्तियों पर पड़ीं, तो वहां की हवा कुछ अलग थी। वो कोई साधारण दिन नहीं था। वो दिन था — धरती को माँ मानने वालों के प्रण का दिन, धरती की कोख को फिर से हरियाली से भर देने के संकल्प का दिन।
मौसम में नमी थी… लेकिन आंखों में सपने। दिलों में जोश था और हाथों में पौधे। और मंच पर… वो थे जिनसे उम्मीदें जुड़ी हैं — मा. राज्य मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, विधायक कैलाश आचार्य, जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग, वनविभाग के अधिकारी, चेयरमैन, शिक्षक, छात्र और चकिया के वे लोग जिनके सीने में आज भी धरती के लिए धड़कन बाकी है।
???? “केवल पौधा लगाना ही नहीं, उसे जीना पड़ता है…”
मा. मंत्री जी के शब्द जैसे लोगों के ज़ेहन में उतर गए —
“हमने कोरोना काल में देखा है — जब ऑक्सीजन का एक-एक कतरा जीवन की डोर बन गया था। और तब हम सबने महसूस किया कि वृक्ष केवल हरियाली नहीं, वो जीवन की श्वास हैं।”
उन्होंने मंच से जब यह कहा कि
“एक पेड़ माँ के नाम ज़रूर लगाइए और उसे अपनी माँ की तरह पालिए…”
तो वहां बैठी भीड़ सन्न थी… और आंखें नम।???? मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ हुए मंत्रमुग्ध, बच्चों को दिए पुरस्कार
???? ग्रीन गार्डियन डॉ. परशुराम सिंह की चेतावनी — “पेड़ नहीं, तो भविष्य भी नहीं!”
???? “छोटे हाथों में बड़ी उम्मीदें…” — बच्चों ने जीता मंत्री का दिल, दिखाया प्रतिभा का विस्फोट!
चकिया के जलेबिया मोड़ रोपावनी में जब वृक्षारोपण महाअभियान का मंच सजा था, तभी वहां कुछ ऐसा हुआ जिसने पूरा माहौल मंत्रमुग्ध कर दिया।
प्राथमिक विद्यालय व उच्च प्राथमिक विद्यालय चकिया के नन्हें बच्चों ने ऐसी पीटी परफॉर्मेंस दी कि मंच पर बैठे मंत्री से लेकर प्रशासनिक अधिकारी तक तालियों में डूब गए।इन बच्चों ने कोई साधारण प्रस्तुति नहीं दी — यही वो बच्चे थे जिन्होंने हाल ही में प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर चकिया को गौरवान्वित किया है।
????️ मा. मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ स्वयं मंच से उतरकर बच्चों को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया और कहा:
“इन नन्हे फरिश्तों में छिपा है भारत का हरित भविष्य। ये ना सिर्फ पीटी में अव्वल हैं, बल्कि प्रकृति प्रेम में भी!”
बच्चों की परफॉर्मेंस के दौरान मंच पर बैठे जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग, विधायक कैलाश आचार्य और वन विभाग के अधिकारी भी तालियों से थम नहीं रहे थे। ऐसा लगा जैसे हर ताल, हर मुद्रा, और हर स्पंदन में प्रकृति का नृत्य समाया हुआ हो।
???? बच्चों से सीखिए हरियाली का पाठ!
प्राथमिक विद्यालय चकिया के छात्रों ने मंच से जब “माँ के नाम एक पेड़” की प्रतिज्ञा ली तो उपस्थित जनसमूह भावविभोर हो उठा।
इन बच्चों ने न सिर्फ वादन और पीटी से समां बांधा बल्कि पर्यावरण संरक्षण का ऐसा संदेश दिया जो हर दिल में बीज की तरह बो गया।✨ समापन में मंत्री जी का विशेष संदेश बच्चों को:
“तुम्हारी मुस्कानें पेड़ों की छाया जैसी हैं — शीतल, पावन और जीवनदायिनी। जैसे तुमने प्रदेश में झंडा गाड़ा है, वैसे ही हरियाली में भी अपना झंडा ऊंचा रखो!”
इस तरह बच्चों की परफॉर्मेंस ने वृक्षारोपण महाअभियान को एक संवेदनात्मक, ऊर्जा-से-भरी, और प्रेरक लहर में बदल दिया — जिसने चकिया के हर नागरिक के मन में यह बात बैठा दी कि…
???? पेड़ सिर्फ लगाने के लिए नहीं, जीने के लिए होते हैं — और इस सच्चाई को अब सबसे पहले समझ रहे हैं हमारे बच्चे!
???? चकिया में भड़का हरियाली का ज्वालामुखी!
चकिया के जलेबिया मोड़ पर शुरू हुआ ये अभियान, अब जनांदोलन बनता दिखा।
पीपल, पाकड़ और बरगद के तीन पवित्र पौधे जब मंत्री जी के हाथों ज़मीन में उतरे, तो ऐसा लगा मानो धरती ने स्वयं आशीर्वाद दे दिया हो।

???? छात्रों ने, बुजुर्गों ने, किसानों ने… हर किसी ने अपने हाथों में पौधे लिए और कसम खाई —
“माँ के नाम एक पेड़ ज़रूर लगाएंगे!”
???? “क्या सच में 64 लाख पौधे लगेंगे?” – सस्पेंस, आंकड़े और ज़िम्मेदारी…
जब जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने माइक संभाला और कहा —
“इस वर्ष जनपद चंदौली को 64 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य दिया गया है।”
तो वहां मौजूद हर शख्स के दिल में एक सवाल था —
क्या ये संभव है? या फिर ये भी एक प्रशासनिक आंकड़ा बनकर रह जाएगा?
लेकिन फिर पर्यावरण योद्धा डॉ. परशुराम सिंह ने जब यह कहा —
“सिर्फ आंकड़ों से बदलाव नहीं आता, अगर हर नागरिक अपने हिस्से का एक पेड़ भी सहेज ले, तो 64 लाख नहीं… 6 करोड़ पेड़ भी कम नहीं पड़ेंगे!”
तो वहां तालियों की गूंज जंगलों तक गूंज गई।
???? “हर पौधा एक कहानी है…” – सच्चे मोती जो दिल छू गए
✅ किसान रघुवंश सिंह, जो खुद अपनी ज़मीन पर पिछले साल 100 पेड़ लगाकर अब उनकी देखभाल एक बेटे की तरह करते हैं।
✅ छात्रा प्रिया, जिसने अपनी दिवंगत माँ की स्मृति में बरगद का पेड़ लगाया और कहा — “माँ अब इसी पेड़ में सांस लेती हैं।”
✅ बुज़ुर्ग राजेंद्र मिश्रा, जिन्होंने कहा — “अब जीवन के अंतिम पड़ाव में कुछ ऐसा करना है, जो बच्चों के काम आए। ये पौधे मेरी आखिरी विरासत हैं।”
ऐसी सैकड़ों कहानियां उस दिन चकिया की मिट्टी में बीज की तरह बो दी गईं।
???? “पेड़ लगाओ, वरना भविष्य सड़ जाएगा…” — डॉ. परशुराम की चेतावनी!
एक पल के लिए मंच पर सन्नाटा छा गया जब वृक्ष बंधु, ग्रीन गार्डियन लाइफटाइम एचिवमेंट अवार्डी डॉ. परशुराम सिंह ने कहा:
“अगर हम अब भी नहीं जागे तो अगली पीढ़ी को ऑक्सीजन के लिए पेड़ नहीं, सिलेंडर ख़रीदने पड़ेंगे। और वो दिन दूर नहीं जब पर्यावरण स्कूलों की किताबों में बस इतिहास बनकर रह जाएगा।”
उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। और वहीं से “मौन संकल्प” की शुरुआत हुई।
???? वन विभाग ने क्यों रखा 52 करोड़ पौधों का स्टॉक?
मा. मंत्री जी ने खुलासा किया कि प्रदेश में 52 करोड़ पौधों की नर्सरी तैयार है। सवाल ये है —
क्या सब लगेंगे? या फिर सरकारी रिपोर्ट्स में गुम हो जाएंगे?
इस सवाल के जवाब में मंत्री जी ने कहा:
“इस बार सिर्फ कागज़ पर पौधारोपण नहीं होगा। हर पौधा होगा जियो-टैग्ड। हर अधिकारी की व्यक्तिगत ज़िम्मेदारी तय होगी।”
और फिर उन्होंने खुद छात्रों को पौधे सौंपे और कहा:
“तुम ही सच्चे ग्रीन वारियर्स हो।”
???? “पेड़ लगाकर सेल्फी नहीं, देखभाल कर बनाएँ इतिहास!”
समारोह के अंत में मा. विधायक कैलाश आचार्य ने कहा:
“वृक्ष लगाना एक कर्म है। लेकिन उसे जीवित रखना धर्म है। सेल्फी के लिए पौधा लगाना फैशन है, लेकिन उसे पालना तपस्या है। आज से हम सब इस तपस्या में भागीदार हैं।”
???? कौन-कौन थे साक्षी इस ऐतिहासिक पल के?
- डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ – मा. राज्य मंत्री
- कैलाश आचार्य – विधायक चकिया
- चन्द्र मोहन गर्ग – जिलाधिकारी
- आर. जगत साई – मुख्य विकास अधिकारी
- बी. शिव शंकर – प्रभागीय वनाधिकारी
- काशीनाथ सिंह – भाजपा जिलाध्यक्ष
- गौरव श्रीवास्तव – चेयरमैन चकिया
- डॉ. वाई.के. राय – सीएमओ‚ बृक्ष बंधु डा० परशुराम सिंह
- विनय मिश्रा, विकास मित्तल – उपजिलाधिकारी
- आशुतोष तिवारी – क्षेत्राधिकारी
- अखिलेश दुबे, अश्विनी चौबे, मकसूद हुसैन – वन अधिकारी
- शम्भू नाथ यादव – ब्लॉक प्रमुख
- सुड्डू सिंह, नीरज सिन्हा (DPRO) और स्कूली बच्चे, मीडिया, आमजन आदि।
???? खबरी न्यूज की अपील — “आप भी बनिए ग्रीन रिपोर्टर!”
???? क्या आपने भी अपने गाँव, स्कूल, खेत, या घर में कोई पौधा लगाया है?
???? उसकी फोटो, स्थान और “माँ के नाम” अपना संदेश भेजिए हमें —
हम आपकी ग्रीन स्टोरी को #KhabariNews पर प्रकाशित करेंगे।
???? आख़िरी चेतावनी या पहला कदम?
2025 का यह वृक्षारोपण महाअभियान सिर्फ एक शुरुआत है।
सवाल ये नहीं कि सरकार ने कितने पेड़ लगाए… सवाल ये है — आपने कितने बचाए?
आपने अपने बच्चों के लिए कितनी छाया छोड़ी?
अब भी समय है। उठिए। बीज बोइए। उम्मीदें सींचिए। और “माँ के नाम एक पेड़” लगाकर इस हरियाली क्रांति का हिस्सा बनिए।
???? खास रिपोर्ट
✍️ Khabari News Chakia
????️ प्रधान संपादक: के.सी. श्रीवास्तव (अधिवक्ता)
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