Fire Breaks Out in DRM Office – A Major Disaster Averted!

???? रिपोर्टर: खबरी नेशनल न्यूज ब्यूरो चंदौली। |अपडेट: शुक्रवार सुबह 11:30 बजे
पीडीडीयू नगर, चंदौली: शुक्रवार की भोर में एक बड़ी घटना तब सामने आई जब यूरोपियन कॉलोनी स्थित डीआरएम कार्यालय की बिल्डिंग में अचानक आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि सेवानिवृत्त कर्मियों के कमरे में रखे कंप्यूटर, फर्नीचर, एसी और दर्जनों महत्वपूर्ण फाइलें जलकर पूरी तरह नष्ट हो गईं।
फायर ब्रिगेड को आग बुझाने में एक घंटे से अधिक का समय लग गया, लेकिन समय पर कार्रवाई न होती तो वरीय मंडल सुरक्षा अधिकारी और एकाउंट विभाग की पूरी यूनिट भी चपेट में आ जाती। घटना से पूरे रेलवे कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
???? घटना का पूरा ब्यौरा: कैसे लगी आग?
बताया जा रहा है कि पीडीडीयू नगर डीआरएम कार्यालय एक चार मंजिला भवन है, जिसमें लगभग 700 कर्मचारी कार्यरत हैं। भवन के बीचोंबीच एक खुला स्थान है जहाँ लिफ्ट लगी हुई है। लिफ्ट के ठीक बगल में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए कार्यालय और विश्राम कक्ष बनाया गया है।
शुक्रवार की तड़के लगभग 4:30 बजे इसी कमरे में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। रात में विभिन्न विभागों के कंट्रोल रूम में सीमित कर्मचारी ही मौजूद रहते हैं, जिससे आग की शुरुआत में किसी को ज्यादा भनक नहीं लगी। जब तक कमरे से धुआं उठता दिखा, तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी।
⚠️ लपटों ने ऊपर तक पहुंचाया खतरा
पीडीडीयू नगर के डी आर एम आफिस में शॉर्ट सर्किट से लगी आग की लपटें इतनी तीव्र थीं कि थोड़ी ही देर में वह ऊपर स्थित वरीय मंडल सुरक्षा अधिकारी (Senior DSO) और एकाउंट विभाग तक पहुंच गईं। एक पल के लिए पूरा भवन धुएं और दहशत से भर गया।
कर्मचारियों ने तत्काल आग बुझाने की कोशिश की। फायर एक्सटिंग्विशर का प्रयोग किया गया, लेकिन आग की तीव्रता के आगे सब बेबस नजर आए।
???? दमकल की टीम ने किया कमाल
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की दो टीमें मौके पर पहुंचीं। कड़ी मशक्कत के बाद लगभग एक घंटे में आग पर काबू पाया गया। फायरमैनों को विशेष उपकरणों के साथ अंदर घुसना पड़ा क्योंकि पूरे भवन में धुआं भर चुका था।
दमकल विभाग की तत्परता से एक बड़ी अनहोनी टल गई।
???? पीडीडीयू नगर में भारी नुकसान, पर टला बड़ा हादसा
सेवानिवृत्त कर्मियों के कार्यालय में रखे गए:
- कंप्यूटर सिस्टम
- एयर कंडीशनर
- कीमती फर्नीचर
- वर्षों पुरानी फाइलें व दस्तावेज
…सभी जलकर राख हो गए। अधिकारी मानते हैं कि यदि कुछ और मिनट की देरी होती तो वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त और एकाउंट विभाग का डेटा भी पूरी तरह बर्बाद हो सकता था।


???????? वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे
घटना की गंभीरता को देखते हुए पीडीडीयू नगर के डीआरएम श्री उदय सिंह मीना, वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त जेथिन बी राज और अन्य अधिकारी भी तत्काल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पूरे भवन की जांच की और अग्निशमन सुरक्षा प्रणाली को लेकर समीक्षा बैठक की।
डीआरएम ने पत्रकारों से कहा,
“सौभाग्य से कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन यह एक बड़ी चेतावनी है। हम जांच करवा रहे हैं और सभी कार्यालयों में अग्निसुरक्षा के मानकों को सख्ती से लागू किया जाएगा।”
???? भविष्य की रणनीति और सवाल
पीडीडीयू नगर रेलवे कर्मचारी यूनियन और सेवानिवृत्त कर्मियों ने इस घटना के पीछे की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। यूनियन ने सवाल उठाया कि क्या भवन की वायरिंग का समय-समय पर निरीक्षण हो रहा था?
इसके साथ ही डीआरएम कार्यालय परिसर में अब:
- फायर अलार्म सिस्टम को अपग्रेड किया जाएगा
- कर्मचारियों को अग्निशमन प्रशिक्षण दिया जाएगा
- बिजली वायरिंग की पूरी तरह से जांच कर मरम्मत की जाएगी
???? आखिर क्या है जरूरी ?
पीडीडीयू नगर के इस हादसे ने यह दिखा दिया है कि सरकारी इमारतों में फायर सेफ्टी को गंभीरता से लेना अत्यंत आवश्यक है। यदि समय पर दमकल विभाग नहीं पहुंचता तो यह आग एक भीषण हादसे में बदल सकती थी।
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