


???? “अतिक्रमण रोकने गए थे, लेकिन खुद बन गए शिकार”
यह खबर नहीं, वन विभाग की असहायता और अपराधियों की बेशर्मी का आईना है।
जयमोहनी वन रेंज के लोशनिया बीट में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब आरक्षित वन भूमि पर अवैध जुताई रोकने पहुंची वन विभाग की टीम को अतिक्रमणकारियों ने घेर कर बंधक बना लिया।
हद तो तब हो गई जब टीम का सरकारी वाहन भी चारों ओर से घेर कर रोक लिया गया, और वनकर्मियों के साथ गाली-गलौज व मारपीट की कोशिश की गई।
???? पूरा घटनाक्रम – जब जंगल पर हमला हुआ और रक्षक ही फँस गए
कहाँ: भैसौड़ा वन ब्लॉक – कक्ष संख्या 14, लोशनिया बीट
कब: 30 जुलाई की सुबह
कौन: वन दरोगा बीरेंद्र पांडेय के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुँची
???? जैसे ही टीम ने अवैध जुताई में प्रयुक्त ट्रैक्टर को कब्जे में लिया और उसे वन रेंज कार्यालय लाने लगी,
17 लोगों की भीड़, जिनमें महिला-पुरुष दोनों शामिल थे, आक्रोशित हो उठी।
➡️ गाली-गलौज
➡️ ट्रैक्टर छीनने की कोशिश
➡️ सरकारी वाहन को घेरना
➡️ वनकर्मियों को बंधक बना लेना
यह सब दिन के उजाले में हुआ, सरकारी कार्य में बाधा और खुलेआम कानून का मखौल उड़ाना।
???? नौगढ़ पुलिस ने संभाला मोर्चा, वनकर्मियों की जान बचाई
सूचना मिलते ही नौगढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक रमेश यादव और उनकी टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस के हस्तक्षेप के बाद किसी तरह वन विभाग की टीम को मुक्त कराया गया और वे सरकारी वाहन के साथ सुरक्षित रेंज कार्यालय लौटे।

???? नामजद तहरीर – 33 नामजद सहित अन्य महिला पुरुष भरदूआ व फरसा गांव के निवासी पर केस दर्ज
वन दरोगा बीरेंद्र पांडेय ने विशेशरपुर गांव के 17 अतिक्रमणकारियों के खिलाफ थाना नौगढ़ में FIR दर्ज कराई है, जिनमें प्रमुख नाम हैं:
- रामदेव
- शिवकुमारी
- जितेंद्र
- रामकेश
- कालीप्रसाद
- रमाशंकर
- फूलमती
- अमरावती
- रामनरायन
- गंगा
- अनिल
- मटरी
- बिनोद
… व अन्य
???? थाना प्रभारी ने पुष्टि की कि नामजद मुकदमा दर्ज हो चुका है और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
???????? वन विभाग की टीम – डर के साए में भी डटी रही
इस साहसी टीम में शामिल थे:
- वन दरोगा बीरेंद्र पांडेय
- वनरक्षक भोलानाथ
- मुलायम सिंह
- धर्मवीर सिंह
- प्रेम सिंह
- सोमेश कुमार
… व अन्य समर्पित अधिकारी
ये वो लोग हैं जो जान की परवाह किए बिना जंगल बचाने के लिए आगे बढ़े, लेकिन सिस्टम ने क्या उन्हें वो सुरक्षा दी, जिसके वे अधिकारी हकदार थे?

❗ सवाल जो उठते हैं:
- आरक्षित वन भूमि पर ट्रैक्टर से जुताई – क्या ये साजिश नहीं?
- क्या सरकारी कर्मियों को इस तरह बंधक बना लेना अब सामान्य बात हो गई है?
- क्या प्रशासन के पास कोई ठोस रणनीति नहीं है इन माफियाओं से निपटने की?
???? खबरी न्यूज की विशेष टिप्पणी:
“अगर जंगल बचेगा, तो जीवन बचेगा।
लेकिन जब जंगल की रक्षा करने वाला ही बंधक बनेगा, तो प्रकृति को बचाएगा कौन?”
???? खबरी न्यूज की जनता से अपील:
???? जंगलों की रक्षा करना सिर्फ वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं, यह हम सबका कर्तव्य है।
???? अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही होनी चाहिए – ताकि भविष्य में कोई सरकारी कर्मचारी ऐसा अपमान न सहे।
???? रिपोर्टिंग टीम:
त्रिनाथ पांडेय, सौरभ गौतम, किशन श्रीवास्तव, विनीत यादव
????️ संपादन: एडवोकेट के.सी. श्रीवास्तव, प्रधान संपादक – खबरी न्यूज नेटवर्क
???? #SaveOurForests | #JusticeForForestTeam | #StopEncroachment
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जंगल के सच्चे रखवालों के साथ आज खड़ा होना ही असली देशभक्ति है।
✊ जंगल बचेगा, देश बचेगा!
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