


???? “घूमने आया था, लौटकर अर्थी में गया” — चंद्रप्रभा डैम से निकली मातम की चीखें
????️ “नदी ने निगल लिया रेहान को, ज़मीन पर रह गईं चीखती आंखें, टूटते सपने और कांपते रिश्तेदार…”
नौगढ़, चंदौली | विशेष रिपोर्ट: Khabari News Ground Team
रविवार की शाम चंद्रप्रभा डैम की खामोश लहरें उस वक्त चीख पड़ीं जब वाराणसी के एक नौजवान की जिंदगी उन्हीं ठंडी लहरों में डूबकर खत्म हो गई। रेहान अहमद, उम्र महज 22 साल, जौनपुर के जैतपुरा थाना क्षेत्र के जैतपुरा मोहल्ले का रहने वाला था।
परिवार के साथ घूमने आया था।
खुश था।
हँस रहा था।
लेकिन शायद किस्मत ने उस दिन कुछ और ही लिखा था…
⚠️ घटना की पूरी कहानी: कैसे रेहान चंद्रप्रभा डैम में समा गया
रविवार को रेहान अपने कुछ सगे-संबंधियों के साथ चंद्रप्रभा बांध घुमने आया था। दोपहर ढल रही थी, सूरज डूबने को था, और शायद उसी के साथ रेहान की किस्मत भी डूबने को थी।
परिवार के साथ फोटो खिंचाते वक्त अचानक उसका पैर फिसला, और वह सीधे गहरे पानी में जा गिरा। वहां मौजूद लोग चीख पड़े। पर अफ़सोस! कोई उसे बचा न सका।
पलभर में सब कुछ बदल गया…
जहाँ अभी हँसी गूंज रही थी, वहाँ अब मातम पसरा हुआ था।
???? स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन…
जैसे ही सूचना मिली, नौगढ़ थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। प्रभारी निरीक्षक रमेश यादव खुद मौके पर पहुंचे। पर तब तक काफी देर हो चुकी थी।
पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शव को पानी से बाहर निकालने की भरपूर कोशिश की। लेकिन पानी की गहराई और अंधेरा इस प्रयास में रुकावट बना।
“पुलिस द्वारा कई घंटों तक मशक्कत की गई, लेकिन शव नहीं निकाला जा सका,” – प्रभारी निरीक्षक रमेश यादव, नौगढ़ थाना

???? अब रात्रि में खोजबीन, तैनात हुई सुरक्षा टीम
प्रशासन ने रात्रि में गोताखोरों की मदद से शव खोजने का आदेश दिया है। साथ ही चंद्रप्रभा बांध पर सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है। जवानों की रात्रि निगरानी ड्यूटी लगाई गई है, ताकि कोई और हादसा न हो।

???? परिवार का रो-रोकर बुरा हाल, जैतपुरा में मातम
जैसे ही यह खबर रेहान के घर पहुंची, पूरे मोहल्ले में मातम छा गया। पिता जमाल अहमद बेहोश हो गए। मां बेसुध। बहनों का रो-रोकर बुरा हाल। मोहल्ले के लोग रेहान को याद करते हुए बार-बार कह रहे थे:
“कल तक हँसता था रेहान, आज उसे लहरों ने निगल लिया…”
???? क्या यह हादसा टल सकता था? प्रशासन की लापरवाही पर सवाल
यह कोई पहला मामला नहीं है जब चंद्रप्रभा डैम पर इस तरह की दर्दनाक घटना हुई हो। न सुरक्षा बोर्ड, न गार्ड की मौजूदगी, न चेतावनी चिन्ह।
Khabari News इस सवाल को उठाता है:
???? क्या चंद्रप्रभा डैम पर्यटन स्थल नहीं है?
???? फिर क्यों नहीं होती यहां कोई स्थायी सुरक्षा व्यवस्था?
???? हर साल क्यों डूबते हैं लोग, और प्रशासन सिर्फ ‘जांच’ का आश्वासन देता है?
???? फोटो और वीडियो वायरल: सोशल मीडिया पर उमड़ा गुस्सा और संवेदना
जैसे ही यह खबर सोशल मीडिया पर फैली, हजारों लोगों ने अपनी संवेदना व्यक्त की। फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर पर #JusticeForRehan ट्रेंड करने लगा।
लोगों ने लिखा:
“ये सिर्फ एक हादसा नहीं, प्रशासन की लापरवाही है।”
“युवक की जान गई, पर कोई चेतावनी बोर्ड नहीं, कोई चेतावनी नहीं।”
???? Khabari News की मांग: अब नहीं चाहिए ‘अगली बार सुधारेंगे’ की कहानी
Khabari News अपने संपादक K.C. Shrivastava (Advocate) के नेतृत्व में यह माँग करता है कि:
- चंद्रप्रभा बांध पर तुरंत स्थायी गार्ड तैनात किए जाएं।
- खतरनाक स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।
- स्थानीय पर्यटन क्षेत्र घोषित कर वहां सुरक्षा मानकों का पालन हो।
- रेहान अहमद के परिजनों को आर्थिक सहायता और न्याय मिले।
???? Khabari Editorial Note:
“रेहान की मौत एक चेतावनी है, एक दर्दनाक दस्तावेज़ जो बताता है कि जिंदगी कितनी नाजुक है और लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है। यदि अब भी प्रशासन नहीं जागा, तो अगली बार किसी और का रेहान चंद्रप्रभा की लहरों में समा जाएगा।”
????️ श्रद्धांजलि | Rehan Ahmad (2003–2025)
“तू तो बस घूमने आया था, रेहान… पर अब तेरी यादें चंद्रप्रभा की हर लहर में बहेंगी…”
???? Social Media Tags & Hashtags (वायरल के लिए):
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अगर आप चाहते हैं कि किसी की और जिंदगी यूँ ही लहरों में न डूबे,
तो इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।
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???? Ground Report By: Khabari News Chakia Team
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