खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क लखनऊ।
अमेरिका, दुबई से हो रही थी करोड़ों की फंडिंग | PFI और पाकिस्तान कनेक्शन का पर्दाफाश | 6 राज्यों में फैला था नेटवर्क | यूपी में हड़कंप!



???? “धर्म की आड़ में देश को तोड़ने की साजिश अब नहीं चलेगी… ये नया भारत है!”
— डीजीपी प्रशांत कुमार, यूपी पुलिस
✳️ धर्मांतरण नहीं, ये राष्ट्रद्रोह है!
यूपी पुलिस ने धार्मिक आस्था के नाम पर फैले सबसे बड़े राष्ट्रविरोधी षड्यंत्र को बेनकाब किया है। शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस में प्रदेश पुलिस महानिदेशक (DGP) प्रशांत कुमार ने एक सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि छांगुर से भी बड़ा अवैध धर्मांतरण गिरोह यूपी में सक्रिय था, जिसका डायरेक्ट लिंक कनाडा, अमेरिका और दुबई से सामने आया है।
इस गिरोह ने देश के छह राज्यों — उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, पंजाब, दिल्ली और कर्नाटक में हजारों लोगों का जबरन धर्मांतरण कराया। इनमें गरीब, अशिक्षित, शारीरिक रूप से असहाय और दलित समुदाय के लोग प्रमुख रूप से निशाने पर थे।

???? गिरफ्त में आए 10 आरोपी | सरगना समेत
पुलिस ने एक संगठित रेड ऑपरेशन में गिरोह के मुख्य सरगना, दो फील्ड एजेंट, और विदेश से जुड़े चार फंडिंग एजेंटों समेत कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया है।
इनके पास से बरामद हुए:
- 23 फर्जी आधार कार्ड
- धर्मांतरण संबंधी दस्तावेज
- 3 लाख नकद
- एक लैपटॉप जिसमें विदेशी ट्रांजेक्शन का सबूत
- फर्जी NGO रजिस्ट्रेशन
???? अंतरराष्ट्रीय साजिश की बू | पाकिस्तान और PFI कनेक्शन
डीजीपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में ये सामने आया है कि इस गिरोह का संवाद और सहयोग ‘PFI’, ‘SDPI’ और पाकिस्तानी आतंकी संगठनों से भी जुड़ा हुआ है। कुछ आरोपियों ने कबूल किया है कि धर्मांतरण के ज़रिए भारत में ‘अंदरूनी अस्थिरता’ पैदा करना ही मुख्य उद्देश्य था।
आतंकी फंडिंग के संकेत मिलने के बाद ATS और IB ने भी अब इस केस में एंट्री ले ली है।
???? डॉलर की बरसात | मासूमों का सौदा!
“एक व्यक्ति को ईसाई बनाने के लिए 18 से 25 हजार तक की रकम तय थी। दिव्यांग या कमजोर वर्ग के लिए राशि और अधिक!”
— SIT सूत्र
मामले में फॉरेन करंसी एक्सचेंज डेटा के अनुसार पिछले दो वर्षों में करीब 12 करोड़ की फंडिंग कनाडा, अमेरिका और दुबई से इस गिरोह के खातों में भेजी गई।
???? ‘NGO’ का नकाब, ‘जिहाद’ का धंधा!
गिरोह के सदस्य खुद को मानवाधिकार कार्यकर्ता, सोशल वर्कर और NGO संचालक के रूप में पेश करते थे।
इन्होंने लखनऊ, मऊ, सीतापुर, मेरठ, कानपुर और प्रयागराज जैसे जिलों में ‘धर्मांतरण कैंप’ तक चला रखे थे।
- गरीबों को मुफ्त इलाज, राशन, शिक्षा का लालच
- “Jesus will heal you” जैसी पुस्तिकाएं
- दिव्यांगों को नौकरी और विदेश भेजने का झांसा
- मासूम बच्चियों को स्कूल में भर्ती कर धर्मांतरण
⚠️ “हमारे बच्चों को कौन बना रहा है गुलाम?”
इस खुलासे के बाद पूरा प्रदेश सकते में है।
सुल्तानपुर से एक मां, जिसका बेटा 19 साल की उम्र में इस गिरोह के संपर्क में आया, रोते हुए कहती है:
“मेरा बेटा कहता था कि अब हम गलत धर्म में हैं… मैं भगवान से डरती हूं, लेकिन मेरे बेटे ने कहा ‘अब Jesus ही भगवान है’…”
???? सवाल उठता है: सिस्टम क्या कर रहा था?
- ये गिरोह वर्षों से सक्रिय था
- कैसे रजिस्टर्ड थे इनके NGO?
- विदेश से हो रही करोड़ों की फंडिंग कैसे नहीं पकड़ी गई?
???? Khabari News के सवाल अब सिस्टम की गर्दन तक पहुंच रहे हैं।
क्या धर्मांतरण को सिर्फ धार्मिक मामला मानना भूल है?
क्या ये ‘क्रिएटेड क्राइसिस’ है भारत को अंदर से कमजोर करने का?

???? राजनीति गरमाई | विपक्ष की चुप्पी संदिग्ध!
जहां भाजपा ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला बताया है, वहीं विपक्ष पूरे मुद्दे पर चुप्पी साधे बैठा है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा:
“जिस तरह की चुप्पी कुछ दलों की है, उससे साफ है कि धर्मांतरण का खेल राजनीतिक संरक्षण में ही फल-फूल रहा था…”
???? अब क्या होगा? | Khabari का सवाल
- क्या इन लोगों पर UAPA लगेगा?
- क्या विदेशों से फंडिंग पर पूरी तरह रोक लगेगी?
- क्या NGO की जांच में और भी नाम सामने आएंगे?
- क्या जिनका धर्म बदला गया उन्हें वापस उनकी आस्था में लौटने का मार्ग मिलेगा?
???? Khabari News की अपील | राष्ट्र जागो!
Khabari News के मुख्य संपादक एडवोकेट के.सी. श्रीवास्तव कहते हैं:
“यह धर्मांतरण नहीं, यह भारत के मूल में छेद करने की साजिश है। अब वक्त आ गया है कि जनता, प्रशासन और राष्ट्रभक्त संस्थाएं एक सुर में आवाज़ उठाएं — ‘धर्म के नाम पर धोखा अब नहीं सहेंगे।’”
???? निष्कर्ष:
ये गिरोह सिर्फ धर्म नहीं बदल रहा था, ये भारत की आत्मा को कमजोर कर रहा था।
Khabari News का वादा है — हम आपकी आस्था, सुरक्षा और सत्य के प्रहरी हैं।
???? #StopConversionSyndicate
???? #SaveIndianFaith
???? #ExposeNGOWeb
???? #KhabariNewsInvestigation



