???? Khabari News – Special Social Media Investigation Report
????Editor-in-Chief: K.C. Shrivastava (Advocate)**
???? प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में खुली धोखाधड़ी की पोल – सब्सिडी के नाम पर बद्री प्रसाद केशरी व आम नागरिकों की जेब काट रहे ‘सोलर वेंडर’



खबरी न्यूज चकिया‚चंदौली।
???? “सावधान! सूरज की रौशनी के नाम पर अंधेरे में डुबो रहे ये बिचौलिए…”
कहते हैं योजना बड़ी अच्छी है, लेकिन ज़मीनी हकीकत में धांधली की सुनामी बह रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी सूर्य घर योजना, जो आम जनमानस को बिजली बिल से राहत देने और स्वच्छ ऊर्जा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की सोच पर आधारित है, अब योजनाओं के दलदल में फंसती दिख रही है।
चौंकाने वाली सच्चाई यह है कि जिस योजना का लाभ लेकर हजारों घरों की छतें जगमगानी थीं, उसी योजना की आड़ में कुछ ठेकेदार और बिचौलिए लोगों को अंधेरे में झोंक रहे हैं।
????बद्री केशरी की कहानी – पत्रकार से पीड़ित बने “सौर्य जाल” के शिकार
तीस साल दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्र में पत्रकारिता कर चुके बद्री प्रसाद केशरी अब खुद खबर बन गए हैं।
चौंकिए नहीं, ये वही बद्री बाबू हैं जो जनहित की बातों को उजागर करते-करते अब खुद सरकारी योजना में फंसे हुए हैं।
बद्री बाबू ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का लाभ लेने के लिए अपने घर पर तीन किलोवॉट का सोलर पैनल लगवाया।
कनेक्शन उनकी धर्मपत्नी प्रमिला केशरी के नाम से है।
???? घटना की शुरुआत: 19 जुलाई 2024
दिन तो याद है… क्योंकि यही वह तारीख थी जब क्षेत्रीय वेंडर अजय सिंह के माध्यम से बद्री बाबू के घर सोलर पैनल लगाया गया। साथ ही यूनियन बैंक से लोन भी कराया गया – सब कुछ “स्कीम के तहत”।

????सब्सिडी का वादा – लेकिन मिला सिर्फ झांसा
वादा:
वेंडर ने वादा किया था कि
“10% कास्ट अमाउंट जमा कर दीजिए… सब्सिडी एक महीने में खाते में आ जाएगी।”
हकीकत:
एक साल बीत गया…
ना सब्सिडी आई, ना कोई भरोसेमंद जवाब।
???? ब्याज की किश्तें तो समय से कट रही हैं, लेकिन सरकार द्वारा वादा की गई राहत आज भी सपना बनी हुई है।
⚡धोखाधड़ी का पैटर्न – पढ़िए कैसे जाल में फंसाते हैं ये वेंडर
- लोड बढ़वाने का बहाना:
“आपको 1 किलोवॉट चाहिए? नहीं साहब, ये योजना तो कम से कम 3 किलोवॉट के लिए ही है… पहले बिजली लोड बढ़वाइए।” - फिर बिजली बिल में आग:
लोड बढ़वाया – तो महीने का बिल भी 3 गुना हो गया। - 10% जमा कराओ – जल्दी लाभ मिलेगा:
पहले वेंडर हर रोज कॉल करते हैं – “सर आप लगवा लीजिए, बहुत फायदा है।”
पैनल लगते ही सब बदल जाता है। - अब सिर्फ बहाने और ईमेल की घिसी-पिटी स्क्रिप्ट:
– “एक पैनल नंबर गलत चला गया है।”
– “ईमेल भेजा है, सर।”
– “अभी सिस्टम अपडेट नहीं हुआ है।”
– “कल बात कर लेते हैं।”
???? एक साल से यही ‘कल’ कभी आज नहीं बन सका।
????प्रधानमंत्री योजना के नाम पर योजनाबद्ध लूट!
❗️बड़ी बात यह है कि योजना प्रधानमंत्री स्तर की है, लेकिन ज़मीनी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी जिन कंपनियों और वेंडर्स को दी गई है, वे इसका व्यापारिक शोषण कर रहे हैं।
आम आदमी को तकनीकी भाषा में उलझाकर, डीलर-बैंक-लोड बढ़ाने वाली लॉबी मिलकर लाखों की कमाई कर रहे हैं, लेकिन सब्सिडी जैसे ‘हक’ की बात आते ही सब चुप हो जाते हैं।
????बद्री बाबू के दस्तावेज, लोन, और परेशानियाँ
- यूनियन बैंक लोन – मासिक ईएमआई समय पर कट रही है।
- तीन किलोवॉट के नाम पर खर्च – लगभग ₹1.80 लाख से अधिक।
- ब्याज भार – हर महीने जेब पर बोझ।
- सब्सिडी – ₹1 लाख 8 हजार से अधिक अटका हुआ।
- वेंडर की जवाबदेही – जीरो।
????बद्री बाबू की पीड़ा – जब पत्रकारिता ने भी नहीं दिलाई न्याय
“मैंने कई बार मेल किया, विभाग को कॉल किया, अजय सिंह से जवाब माँगा – लेकिन हर बार वही रटा-रटाया जवाब। क्या प्रधानमंत्री तक ये आवाज़ पहुंचेगी?”
“एक समय था जब मैं जनता की आवाज़ था, आज मैं खुद प्रशासनिक अनदेखी का शिकार हूं।”
???? बद्री प्रसाद केशरी के सोलर पैनल की, यूनियन बैंक लोन स्लिप, ईमेल संवाद आदि

????कौन हैं अजय सिंह – और इनका नेटवर्क कितना गहरा है?
अजय सिंह जैसे वेंडर्स खुद को सरकार द्वारा प्रमाणित बताकर ग्राहकों को लुभाते हैं। लेकिन जैसे ही सोलर पैनल छत पर लग जाता है,
ग्राहक की जिम्मेदारी खत्म – वेंडर की भूमिका गायब।
ऐसे वेंडर कई गाँव और कस्बों में घूमकर लोगों को सोलर योजना में फंसा चुके हैं।
????क्या प्रशासन सो रहा है?
क्या UPNEDA (उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी) सो रही है?
क्या DISCOM (बिजली वितरण कंपनी) इन धोखेबाजों को लेकर आँखें मूंदे है?
???? सवाल बहुत हैं – जवाब कौन देगा?
- बद्री बाबू जैसे लोगों को सब्सिडी कब मिलेगी?
- दोषी वेंडर पर क्या कार्रवाई होगी?
- क्या पैनल नंबर की गलती एक साल तक सुधार नहीं सकती कोई सरकारी एजेंसी?
- क्या सरकार की योजना केवल लोन वसूली तक सीमित रह गई?
⚖️Khabari News की माँग – जवाब चाहिए, राहत चाहिए
???? प्रधानमंत्री कार्यालय से सीधी अपील:
बद्री प्रसाद केशरी जैसे नागरिकों को न्याय मिले।
???? UPNEDA और DISCOM से माँग:
वेंडर अजय सिंह और इनके जैसे अन्य बिचौलियों की सूची सार्वजनिक हो।
???? *सोलर योजना को पारदर्शिता के साथ संचालित किया जाए।
✊जनता से अपील – आवाज उठाइए!
यदि आपने भी सूर्य घर योजना में आवेदन किया है, और सब्सिडी नहीं मिली है, तो अब चुप मत रहिए।
✍️ हमें लिखिए – हम आपकी आवाज़ को बुलंद करेंगे।
???? Email: kcsrivastava1969@gmail.com
???? अंत में…
योजना सरकारी है, लेकिन नियत अगर वेंडर की खराब हो तो लाभ भी ‘फरेब’ बन जाता है।
बद्री बाबू की लड़ाई सिर्फ उनकी नहीं, हर उस आम नागरिक की है जो ईमानदारी से योजना में विश्वास करता है।
आज सूर्य घर योजना की सच्चाई जनता के सामने लानी जरूरी है – वरना ये योजना आने वाले समय में “अंधेरे का नाम” बनकर रह जाएगी।
???? Khabari News – “जो सच है, वो सामने आएगा”
✍️ Editor-in-Chief: K.C. Shrivastava (Advocate)
???? Bureau: Chandauli | Uttar Pradesh | India



