❝अब कामचोरी नहीं चलेगी! गैर-जिम्मेदार कर्मचारियों पर गिरी गाज, जनता को मिला जवाब❞
???? सकलडीहा ब्लॉक में बड़ा प्रशासनिक एक्शन, आधा दर्जन गांवों में छापामार जांच
खबरी न्यूज चन्दौली । जनपद के सकलडीहा विकासखंड में सोमवार को प्रशासन की कड़ाई देखने को मिली जब एडीओ पंचायत और ग्राम पंचायत अधिकारी संजय यादव ने औचक निरीक्षण के दौरान लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की। दिघवट गांव में पंचायत सहायक ट्विंकल जायसवाल के लगातार गैरहाजिर रहने पर बर्खास्तगी का निर्देश जारी कर दिया गया। वहीं, दो सफाई कर्मियों का एक-एक माह का वेतन भी रोक दिया गया।
यह कार्रवाई न सिर्फ अनुशासनहीन कर्मचारियों के लिए चेतावनी है, बल्कि यह संदेश भी है कि सरकारी तंत्र में लापरवाही की कोई जगह नहीं है।



???? दिघवट की पंचायत सहायक ट्विंकल जायसवाल पर बर्खास्तगी की तलवार
❝पद की गरिमा नहीं समझी, जनता की सेवा से मुंह मोड़ा❞
दिघवट गांव में पंचायत सहायक ट्विंकल जायसवाल के निरीक्षण के समय अनुपस्थित मिलने पर नोटिस जारी कर दिया गया। एडीओ पंचायत संजय यादव ने मौके पर ही ग्राम सचिव को आदेश दिया कि उन्हें तत्काल पद से बर्खास्त कर कार्यालय को सूचित किया जाए।
???? “सरकारी सेवा में रहकर जवाबदेही जरूरी है। अब कोई भी कर्मचारी अपनी मर्जी से गैरहाजिर नहीं रह सकता।” — संजय यादव, ग्राम पंचायत अधिकारी
???? सफाई कर्मियों की मनमानी पर ब्रेक: एक को नोटिस, दूसरी का वेतन रोका
❝जहां पति कर रहा था काम, वहां पत्नी तनख्वाह ले रही थी!❞
???? दिवाकरपुर गांव में सफाई कर्मी ममता की जगह उनके पति को ड्यूटी करते पाया गया, जबकि रिकॉर्ड में ममता कार्यरत थीं। यह स्पष्ट रूप से कंप्यूटर फर्जीवाड़ा और फील्ड लापरवाही का मामला था। इस पर अधिकारियों ने तत्काल ममता का वेतन रोकने और उन्हें नोटिस देने के आदेश दिए।
???? वहीं, कटसिल गांव की सफाई कर्मी विभा द्वारा घर-घर कूड़ा संग्रहण न करने की शिकायत सही पाई गई। इस पर मई माह का वेतन रोक दिया गया और चेतावनी दी गई कि दोबारा ऐसी लापरवाही होने पर सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी।
???? गांव-गांव पहुंचा प्रशासन: 7 गांवों का निरीक्षण, 100% उपस्थिति की हिदायत
❝अब सिर्फ मौजूदगी नहीं, काम भी दिखना चाहिए❞
निरीक्षण के दौरान बहरवानी, पौरा, दिवाकरपुर, कटसिल, दिघवट, फेसुड़ा और बरंगा गांवों का दौरा किया गया। संबंधित गांवों के प्रधान, पंचायत सहायक और सफाई कर्मी को मौके पर उपस्थित रहना अनिवार्य किया गया था।
???? लक्ष्य: “पंचायती राज व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को सुनिश्चित करना।”
???? क्यों ज़रूरी है ऐसी कार्रवाई?
❝जनता के टैक्स का पैसा, जिम्मेदारी से खर्च हो❞
सरकार द्वारा चलाई जा रही स्वच्छता, पेयजल, और ग्राम विकास योजनाएं तभी सफल होंगी जब जमीनी स्तर पर कर्मी ईमानदारी से काम करें। लापरवाही और घोटाले की शुरुआत वहीं से होती है जहाँ उपस्थितियों में हेराफेरी होती है।
यह कार्रवाई जनता के पैसे और विश्वास दोनों की सुरक्षा है।
????️ संपादकीय टिप्पणी — K.C. श्रीवास्तव, एड० एवं प्रधान संपादक
“सरकारी व्यवस्था की रीढ़ यदि पंचायत स्तर से मजबूत होगी, तभी शासन व्यवस्था सही मायने में जनकल्याणकारी बन सकेगी। यह निरीक्षण केवल एक कार्रवाई नहीं, बल्कि लापरवाह तंत्र को जगाने की चेतावनी है। अब समय आ गया है कि हर कर्मी अपनी ड्यूटी को सेवा माने, अधिकार नहीं।”
???? आखिर क्या हुआ परिणाम :
???? पंचायत सहायक की बर्खास्तगी
???? सफाई कर्मियों की वेतन रोककर चेतावनी
???? गांवों में निरीक्षण से बढ़ी सतर्कता
???? प्रशासन का सख्त संदेश: अब ‘कामचोरों’ की खैर नहीं!
???? Khabari News वेव पोर्टल पर यह खबर पूरी गंभीरता और सच्चाई के साथ प्रकाशित की गई है। जनता की आवाज़ और सिस्टम की सच्चाई को उजागर करने का हमारा वादा यूं ही चलता रहेगा।
✍️ रिपोर्ट: Khabari News टीम, चंदौली ब्यूरों



