


✨ कन्या पूजन से शुरू होकर महिषासुर मर्दिनी की सजीव झांकी तक का अविस्मरणीय क्षण ✨
खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क /चकिया‚चन्दौली।
शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर खबरी न्यूज़ व मीडिया ट्रस्ट ऑफ इंडिया ‚ तरूण मित्र हिन्दी दैनिक के तत्वावधान में आयोजित सहायता शिविर पंडाल का समापन अद्वितीय ऐतिहासिक क्षणों का साक्षी बना। जहां एक ओर शिविर के पहले दिन का शुभारंभ कन्या पूजन से हुआ तो वहीं समापन की घड़ी में मां दुर्गा के महिषासुर वध की भव्य सजीव झांकी ने पूरे वातावरण को रोमांच और भक्ति से भर दिया।
???? कन्या पूजन – शक्ति का वास्तविक रूप
कार्यक्रम का शुभारंभ कन्या पूजन के साथ हुआ। छोटे-छोटे पांवों में पायल की झंकार, माथे पर रोली की लाल बिंदी और हाथों में कुमकुम लिए नन्हीं-नन्हीं कन्याओं का पूजन जब हुआ तो पूरा पंडाल गूंज उठा –
“यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता।”
सजधज कर आई नन्ही-नन्ही बालिकाएँ जब मंच पर पहुँचीं तो पूरा वातावरण भावविभोर हो उठा।
???? उनके चरणों को धोकर आरती उतारी गई, चुनरी ओढ़ाई गई और अक्षत-फूलों से पूजन किया गया।
उस क्षण हर कोई यही अनुभव कर रहा था कि सच्चे मायनों में माँ दुर्गा यहीं विराजमान हैं।
???? कन्याओं की मुस्कान ने शिविर की शुरुआत को इतना पावन और शुभ बना दिया कि उपस्थित लोगों की आँखों में आस्था के आँसू छलक उठे।
संस्था के संस्थापक व खबरी न्यूज़ के एडिटर-इन-चीफ एडवोकेट के.सी. श्रीवास्तव व विधायक कैलाश आचार्य ‚चेयरमैन गौरव श्रीवास्तव ‚माता श्री डॉ गीता शुक्ला‚प्रसिध्द पर्यावरण विद् व लाइफ टाइम एचिवमेंट एवार्डेड डॉ परशुराम सिंह ने स्वयं कन्याओं के चरण पखारे, उन्हें चुनरी ओढ़ाई और आरती उतारते हुए कहा –
“आज हम सब यहां मां दुर्गा की कृपा से एकत्र हुए हैं। इन मासूम कन्याओं में ही शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा का अंश है। इनका पूजन करना मात्र परंपरा नहीं, बल्कि नारी सम्मान का संदेश है।”
कन्या पूजन के बाद जैसे ही बच्चियों ने प्रसाद ग्रहण किया, पूरा वातावरण भक्ति से सराबोर हो गया। दर्शकों की आंखें नम हो गईं और सबका हृदय मां दुर्गा की कृपा का अनुभव करने लगा।
???? महिषासुर मर्दिनी की सजीव झांकी – रोमांचकारी दृश्य
सहायता शिविर के तीसरे व अन्तिम दिन सायं होते ही पंडाल में वह क्षण आया जिसका इंतजार हजारों लोग कर रहे थे।
“जय मां वैष्णो देवी, जय मां दुर्गा” के नारों के बीच जब महिषासुर मर्दिनी की सजीव झांकी प्रस्तुत हुई, तो ऐसा प्रतीत हुआ मानो देवी स्वयं धरती पर अवतरित हो गई हों।
???? एक ओर विशालकाय महिषासुर अपनी तलवार से ललकार रहा था।
???? दूसरी ओर मां दुर्गा सिंह पर आरूढ़ होकर त्रिशूल उठाए खड़ी थीं।
???? ढोल-नगाड़ों और शंख की ध्वनि से पूरा पंडाल गूंज उठा।
और जब त्रिशूल प्रहार के साथ महिषासुर धराशायी हुआ, तो पंडाल “जय माता दी” के उद्घोष से थर्रा उठा। लोगों की आंखें आंसुओं से भर आईं। यह केवल झांकी नहीं, बल्कि धर्म की अधर्म पर विजय का सजीव संदेश था।
???? समाजसेवा का अनूठा संगम
इस शिविर की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि यहाँ पूजा-अर्चना के साथ-साथ जनसेवा पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
- ???? मेडिकल कैम्प प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र चकिया द्वारा लगाया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने स्वास्थ्य लाभ लिया।
- ???????? खोए हुए बच्चों को उनके परिजनों से मिलाया गया।
- ♿ एक दिव्यांग महिला को ट्राईसाइकिल दिलवाने का संकल्प लिया गया।
- ???? गरीब और जरूरतमंद लोगों को सहयोग दिया गया।
???? नगर में कुल 9 दुर्गा पूजा पंडाल लगे थे, लेकिन यह सहायता शिविर धार्मिक आस्था और समाज सेवा के अद्भुत संगम के कारण सबसे खास रहा।

???? कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी
इस भव्य आयोजन में अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे, जिनकी उपस्थिति ने शिविर की गरिमा को कई गुना बढ़ा दिया।
- भारत सरकार पावर ग्रीड के डायरेक्टर शिव तपस्या पासवान
- सांसद छोटेलाल खरवार
- विधायक कैलाश आचार्य
- उपजिलाधिकारी विनय कुमार मिश्रा
- पुलिस क्षेत्राधिकारी रघुराज प्रताप सिंह
- नगर पंचायत अध्यक्ष गौरव श्रीवास्तव
- प्रभारी निरीक्षक अर्जुन सिंह
???? इन सभी का सम्मान संस्था के संस्थापक एवं खबरी न्यूज़ के एडिटर-इन-चीफ एडवोकेट के.सी. श्रीवास्तव द्वारा अंगवस्त्र, माल्यार्पण और बुके देकर किया गया।


???? अतिथियों के भावनात्मक संबोधन
✨ सांसद छोटेलाल खरवार ने कहा –
“यह शिविर धर्म और सेवा दोनों की मिसाल है। माँ दुर्गा की पूजा तभी सार्थक होती है जब उसमें समाज की भलाई भी जुड़ी हो।”
✨ विधायक कैलाश आचार्य ने कहा –
“नवरात्र हमें सिखाता है कि बुराई का अंत सामूहिक शक्ति से ही संभव है। महिषासुर मर्दिनी की झांकी ने यह सन्देश हर किसी के दिल तक पहुँचा दिया है।”
✨ उपजिलाधिकारी विनय कुमार मिश्रा बोले –
“इस शिविर ने समाज को एकजुट होकर आगे बढ़ने का संदेश दिया है। प्रशासन और समाज मिलकर ही विकास की दिशा तय कर सकते हैं।”
✨ नगर पंचायत अध्यक्ष गौरव श्रीवास्तव ने कहा –
“नारी शक्ति ही असली प्रेरणा है। महिषासुर मर्दिनी की झांकी उसका ज्वलंत उदाहरण है। हमें महिलाओं को समाज में सशक्त बनाना होगा, यही हमारी असली पूजा होगी।”
✨ डॉ. परशुराम सिंह (वृक्ष बंधु, ग्रीन गार्डियन व अर्थ वैरियर अवार्डी) ने कहा –
“जैसे पेड़ धरती को जीवन देते हैं, वैसे ही नारी शक्ति समाज को शक्ति देती है। यह शिविर आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।”
✨ संरक्षिका डॉ. गीता शुक्ला (चकिया की मदर टेरेसा) ने कहा –
“दुर्गा पूजा सेवा और ममता का प्रतीक है। मैंने हमेशा समाज के निचले तबके की सेवा को ही असली पूजा माना है, और यह शिविर उसी भावना का जीवंत रूप है।”
✨ मन्ने सिंह (पूर्व भाजपा जिला उपाध्यक्ष)
“आज इस पंडाल में आकर मुझे ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे मैं किसी मंदिर में खड़ा हूं। महिषासुर मर्दिनी की झांकी केवल धार्मिक प्रस्तुति नहीं, बल्कि यह संदेश है कि हमें हमेशा अन्याय और बुराई के खिलाफ खड़ा होना चाहिए।”
✨ एडवोकेट के.सी. श्रीवास्तव (संस्थापक एवं एडिटर-इन-चीफ, खबरी न्यूज़) ने कहा –
“यह शिविर जनता का है, जनता के लिए है। हमारी कोशिश रही है कि यह आयोजन केवल पूजा तक सीमित न रह जाए, बल्कि समाज को स्वास्थ्य, सुरक्षा और न्याय का संदेश भी दे। यही असली पत्रकारिता और असली सेवा है।”

???? सहयोगियों का आभार
इस ऐतिहासिक आयोजन की सफलता में जिनका योगदान रहा, उनमें प्रमुख हैं –
????जिसमें सर्वप्रथम धर्मवीर सिंह जिन्होने हर समय हमारा साथ दिया‚अजय उर्फ शिव जी व सुधांशु जायसवाल जो साया की तरह हमारे साथ देर रात्रि तक लगे रहे। रामयश चौबे, चन्दन विन्द‚ तरुण कान्त, अजय मिश्रा, किशन श्रीवास्तव, राहुल पांडेय, , शुभम मोदनवाल इत्यादि ।
???? प्रखंड रामलीला समिति पंचवनिया, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चकिया की टीम,
????पी एम श्री प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेश पटेल व बृजेश सहित उनके छात्र
???? साउंड के लिए सुनील मद्धेशिया,
???? टेंट के लिए मुजाहिद,
???? और वह हर शख्स जिसने तन, मन और धन से योगदान दिया।
???? समापन – महिषासुर मर्दिनी की भव्य झांकी
शिविर का समापन जिस दृश्य के साथ हुआ, उसने हर किसी के दिल में आस्था की लहर दौड़ा दी।
???? मंच पर प्रकट हुई महिषासुर मर्दिनी का अद्भुत रूप – एक हाथ में त्रिशूल, दूसरे में तलवार और तीसरे में शंख।
⚡ सामने पड़ा महिषासुर, और देवी के प्रहार से उसका अंत…
???? पूरा पंडाल गूंज उठा –
“जय माता दी! जय महिषासुर मर्दिनी!”
उस क्षण हर किसी के रोंगटे खड़े हो गए। ऐसा लग रहा था मानो स्वयं माँ दुर्गा धरती पर अवतरित होकर असुर संहार कर रही हों।
✨ जनता के दिलों पर छा गया आयोजन
यह शिविर सिर्फ एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि –
- नारी शक्ति का प्रतीक
- समाजसेवा की मिसाल
- संस्कृति और आस्था का संगम
???? यही कारण है कि यह आयोजन चकिया नगर के इतिहास में स्वर्णाक्षरों से दर्ज हो गया है।
???? मां दुर्गा की महाआरती और आशीर्वाद
कार्यक्रम का समापन महाआरती से हुआ। दीपों की लौ, शंख-घंटियों की गूंज और “जय माता दी” के स्वर से पूरा वातावरण आलौकिक हो उठा।
मीडिया ट्रस्ट आफ इंडिया के संस्थापक व खबरी के चीफ इडिटर एडवोकेट के.सी. श्रीवास्तव ने अंत में सभी श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा –
“यह आयोजन केवल धर्म का उत्सव नहीं, बल्कि समाज सेवा का संकल्प है। मां दुर्गा की कृपा हम सब पर बनी रहे और हम सब मिलकर बुराई के हर रूप को खत्म करें – यही हमारी प्रार्थना है।”
आखिर में मां दुर्गा की प्रतिमा के समक्ष सभी ने नारी सम्मान, सामाजिक सौहार्द और राष्ट्रहित की शपथ ली।
???? सोशल मीडिया पर वायरल अंदाज़
जैसे ही कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर डाले गए, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर #जयमातादी #MahishasurMardini #KhabariNews #ChakiaMela #MediaTrustOfIndia जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।
लोग लिखने लगे –
“चकिया की धरती पर आज मां दुर्गा साक्षात अवतरित हुईं।”
“ऐसा भव्य आयोजन पहले कभी नहीं देखा।”
“जय माता दी… खबरी न्यूज़ की यह पहल दिल को छू गई।”
???? निष्कर्ष
यह आयोजन सिर्फ एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि नारी शक्ति, सामाजिक एकता और भक्ति का उत्सव बन गया। कन्या पूजन से लेकर महिषासुर मर्दिनी की सजीव झांकी और अंत में महाआरती – हर क्षण ने लोगों के दिलों में अमिट छाप छोड़ी।
खबरी न्यूज़ व मीडिया ट्रस्ट ऑफ इंडिया व तरूण मित्र राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक ने जो भव्यता दिखाई, उसने इस बार की नवरात्रि को ऐतिहासिक बना दिया।
???? सोशल मीडिया पर वायरल अंदाज़
जैसे ही कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर डाले गए, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर #जयमातादी #MahishasurMardini #KhabariNews #ChakiaMela #MediaTrustOfIndia जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।
लोग लिखने लगे –
“चकिया की धरती पर आज मां दुर्गा साक्षात अवतरित हुईं।”
“ऐसा भव्य आयोजन पहले कभी नहीं देखा।”
“जय माता दी… खबरी न्यूज़ की यह पहल दिल को छू गई।”
इस दौरान




