


✍️ संपादन – के.सी. श्रीवास्तव, प्रधान संपादक (एडवोकेट)
????️ 22 जुलाई 2025
???? चंदौली / चकिया /
खून… और गोलियों की गूंज से कांपा चंदौली!
चंदौली की सड़कों पर सोमवार की रात्रि उस वक्त सनाटा पसर गया, जब खुलेआम फायरिंग में एक युवक को गोलियों से छलनी कर दिया गया। चंदौली का ये शांत शहर अब अपराधियों की पनाहगाह बनता जा रहा है – जहाँ इंसानी जान की कीमत बस एक ट्रिगर दबाने भर की रह गई है।गांव में वारदात के बाद दहशत का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने अरविंद यादव पर फिल्मी स्टाइल में हमला बोला। गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका गूंज उठा। लहूलुहान युवक को जमीन पर गिरा देख डिहवा बाजार की रफ्तार थम गई। लोग दहशत में इधर-उधरजी भागने लगे।

???? Dial 112 ने निभाई तत्परता… लेकिन देर हो चुकी थी!
घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की पुलिस टीम मौके पर पहुँची। आनन-फानन में घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया गया। मगर तब तक बहुत देर हो चुकी थी… अस्पताल के गेट पर ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने मौके से 315 बोर और प्रतिबंधित बोर की गोलियों के खोखे बरामद किए हैं। यह महज आपराधिक घटना नहीं, लॉ एंड ऑर्डर की धज्जियों का ताजा उदाहरण है।
S.P.ने क्या कहा
???? जनता का गुस्सा फूटा – “अरे अब तो घर से निकलना भी खौफनाक हो गया है!”
इलाके में भारी तनाव फैल गया है। बाजार बंद होने लगे। महिलाओं ने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया। बुजुर्ग कहने लगे – “अब तो भगवान ही मालिक है।”
एक स्थानीय दुकानदार ने भरे गले से कहा –
“पहले भी गोली चली, अब फिर चली। क्या हम मरने के लिए जिएंगे? पुलिस दिखती है, लेकिन गोली चलाने वाले भाग जाते हैं।”
???? 5 जुलाई की यादें ताज़ा – BJP नेता डॉ. बंगाली के भाई की भी हत्या
यह पहली बार नहीं है। 5 जुलाई 2025 को भी चकिया कस्बे में भारतीय जनता पार्टी के ज़िला उपाध्यक्ष डॉ. बंगाली के सगे भाई की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
तब भी पुलिस ने कहा था – “जांच जारी है”, “जांच होगी”, “गिरफ्तारी जल्द होगी”…
लेकिन अब सवाल ये है –
“क्या वाकई किसी की गिरफ्तारी हुई?”
क्या अपराधी इतने बेखौफ हो चुके हैं कि वो जानते हैं – पुलिस उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकती?
???? रंजिश या सुपारी? – पुलिस ने सर्विलांस और SOG को लगाया मैदान में
मौके पर पहुँची पुलिस अधीक्षक ने बयान जारी किया:
“घटना में शामिल बदमाशों की पहचान की जा रही है। सर्विलांस टीम और SOG को लगाया गया है। रंजिश का एंगल भी खंगाला जा रहा है। बहुत जल्द घटना का खुलासा किया जाएगा।”
एसपी ने यह भी कहा कि “कोई भी अपराधी कानून से बच नहीं पाएगा।”
लेकिन जनता पूछ रही है –
“SP sir, कितनी और जानें जाएंगी तब तक? कब तक गोलीबारी के बाद का बयान ही आपका हथियार रहेगा?”
???? पुलिस सिस्टम पर गंभीर सवाल – क्या चंदौली अपराधियों का ‘सेफ ज़ोन’ बन गया है?
इस घटना ने चंदौली पुलिस प्रशासन की पोल खोल दी है। जब बाज़ार के बीचोंबीच, दिनदहाड़े गोली मारने वाले बेखौफ होकर फरार हो जाते हैं, तो सवाल तो उठेगा।
- पुलिस गश्त कहां थी?
- बाजार में CCTV क्यों फेल हैं?
- क्या ये किसी साजिश का हिस्सा है?
- क्या इन घटनाओं के पीछे कोई राजनीतिक ताकत है?
???? चंदौली अब Safe नहीं – युवाओं में डर, व्यापारियों में ग़ुस्सा
इस हत्या ने युवा वर्ग को झकझोर दिया है। कॉलेज जा रहे छात्र डरे हुए हैं। महिलाएं घर से बाहर निकलने में झिझक रही हैं। व्यापारियों ने “एक दिन का बंद” घोषित कर दिया है।
“अगर अपराधी खुलेआम AK-47 लेकर घूमते नजर आएं, तो क्या अचरज होगा?” – एक युवा पत्रकार ने तीखा सवाल उठाया।

???? Khabari News की जनता से अपील: चुप्पी तोड़ो, आवाज़ उठाओ!
हम, Khabari News, इस रिपोर्ट के माध्यम से एक सीधी अपील करना चाहते हैं:
“अगर आप आज चुप हैं, तो कल आपके दरवाज़े पर भी यही त्रासदी खड़ी हो सकती है।”
- अपने क्षेत्रीय थाना प्रभारी से जवाब मांगिए
- CCTV कैमरों की माँग कीजिए
- मोहल्ला सुरक्षा कमेटी का गठन करिए
- हर वारदात को सोशल मीडिया पर उठाइए
जिम्मेदार जनता ही जवाबदेह प्रशासन ला सकती है।
⚖️ क्या न्याय मिलेगा? या फाइलों में दब जाएगी ये हत्या भी…
अब देखना यह है कि क्या पुलिस वाकई इस बार दोषियों को पकड़कर सजा दिलवाएगी?
या फिर यह मामला भी बाकी मामलों की तरह एक “Pending FIR” बनकर रह जाएगा?
???? Khabari News | जनता की नब्ज, जनता की जुबान
???? Follow कीजिए, Share कीजिए, और आवाज़ उठाइए – क्योंकि चुप्पी अब सबसे बड़ा अपराध है!



