❌ खुले बाजार में गेहूं बेचने की आज़ादी छीनी जा रही – पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू का बड़ा आरोप
???? Government Clampdown on Farmers’ Freedom to Sell Their Crops!
???? गल्ला व्यापारियों के ट्रक दौड़ते रहें, किसान रोके जाएं – ये कौन सा न्याय है?
????️✍️ खबरी न्यूज एक्सक्लूसिवचंदौली |
???? “अगर किसानों को रोका गया, तो हर गांव से उठेगी विरोध की लहर!” – मनोज सिंह डब्लू
उत्तर प्रदेश के चंदौली जनपद से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आ रही है जहाँ किसानों को खुले बाजार में अपनी मेहनत की कमाई यानी गेहूं की फसल बेचने से रोका जा रहा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव व पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि –
“किसानों को प्रताड़ित कर सरकारी क्रय केंद्रों पर जबरन फसल बिकवाई जा रही है।”
उन्होंने इसे किसान विरोधी नीति करार देते हुए कहा कि जिस किसान ने दिन-रात मेहनत की, वही आज सड़कों पर सरकारी दबाव का शिकार है।
???? “गेहूं बेचना अपराध हो गया है क्या?”
पूर्व विधायक का आरोप है कि जनपद में प्रशासनिक अफसर खुले बाजार में गेहूं बेचने जा रहे किसानों के वाहनों को रोक रहे हैं, जबकि दलालों और व्यापारियों की गाड़ियाँ बिना रोक-टोक दौड़ रही हैं।
???? किसान नीरज सिंह का मामला ताज़ा उदाहरण है। उनकी गेहूं लदी गाड़ी को अधिकारियों ने रोक लिया और कहा गया कि “100 बोरी गेहूं क्रय केंद्र पर पहुंचाना अनिवार्य है!”
जब मनोज सिंह डब्लू मौके पर पहुंचे, तब तक अधिकारी गायब हो चुके थे। किसान सिर्फ़ डर और असमंजस में खड़ा था।
???? “एक तरफ मंच से किसान हित, दूसरी ओर ज़मीन पर शिकंजा!”
सरकार बार-बार दावा करती है कि वह किसानों की आमदनी दोगुनी करेगी, उन्हें खुला बाजार देगी, MSP की गारंटी देगी।
लेकिन चंदौली की हकीकत ये है कि:
✅ सरकारी अधिकारी खुले बाजार में गेहूं बेचने पर रोक लगा रहे हैं।
✅ किसानों को डराया जा रहा है – “अगर सरकार के बाहर बेचा तो कार्रवाई होगी।”
❌ दूसरी तरफ, गल्ला व्यापारियों की गाड़ियों से कोई सवाल नहीं पूछा जा रहा।
क्या ये नीति किसानों के साथ अन्याय नहीं है?
???? मनोज सिंह डब्लू की सीधी अपील – “वीडियो बनाइए, सच उजागर करिए!”
सपा नेता ने किसानों से आग्रह किया है कि अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी उनकी फसल लदी गाड़ी को रोकता है, तो तुरंत:
???? मोबाइल से वीडियो बनाएं
???? खबरी न्यूज, सोशल मीडिया पर साझा करें
???? जन प्रतिनिधियों को सूचना दें
“अगर अब भी किसान चुप रहा, तो ये प्रशासन हर खेत पर पहरा बैठा देगा!” – मनोज सिंह डब्लू
???? यह लड़ाई सिर्फ गेहूं की नहीं, सम्मान की है!
किसानों का कहना है कि:
???? खुले बाजार में उन्हें ₹2300 से ₹2500 प्रति क्विंटल का भाव मिल रहा है।
???? सरकारी केंद्र ₹2125 पर खरीद रहे हैं, वो भी देरी और तौल में घालमेल के साथ।
फर्क समझिए – सरकार जहां घाटा दे रही है, वहीं व्यापारी मुनाफा दे रहा है। लेकिन सरकार उसी को अपराध बना रही है!
???? शादी-ब्याह में फंसे किसान – पैसा चाहिए, प्रशासन रोक रहा है
कई किसानों के घरों में शादी-ब्याह जैसे ज़िम्मेदारियाँ सिर पर हैं। उन्हें गेहूं बेचकर धन का इंतजाम करना है, लेकिन सरकारी आदेशों के नाम पर उनके ट्रैक्टर-ट्रालियां रोकी जा रही हैं।
???? किसान कहता है –
“मेरे पास पैसों की सख्त जरूरत है। शादी है घर में। लेकिन अधिकारी कहते हैं कि गेहूं सरकार को दो, वरना कार्रवाई होगी।”
क्या यही है किसानों के सम्मान का सच्चा चेहरा?
???? दलालों को खुली छूट – सुविधा शुल्क देकर सब माफ!
किसानों का आरोप है कि:
व्यापारी और बिचौलिए अधिकारियों को सुविधा शुल्क देकर खुली छूट पा रहे हैं।
उनकी गाड़ियों पर न तो रोक है, न पूछताछ।
वहीं किसानों की गाड़ियां रोकी जाती हैं, धमकाया जाता है।
किसान की इज़्जत आज दलाल से कम हो गई है – यही है प्रशासन की उपलब्धि?
???? मनोज सिंह डब्लू का सीधा सवाल – क्या चंदौली में दो कानून हैं?
“अगर व्यापारी खुले में फसल बेच सकता है, तो किसान क्यों नहीं?” “क्या जिला प्रशासन जानबूझकर किसान आंदोलन को उकसा रहा है?” “क्या अधिकारियों की जेबें भरने के लिए किसानों का गला घोंटा जा रहा है?”
पूर्व विधायक ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की गाड़ियां रोकी गईं या परेशान किया गया, तो वह सड़कों पर आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।
???? खबरी न्यूज की अपील – अगर आप भी किसान हैं या किसान के साथ खड़े हैं, तो इस खबर को शेयर करें!
???? 5 सेकंड का काम – लेकिन किसान की आवाज़ बन जाएगा आपका शेयर!
???? अंतिम बात – किसान का पसीना, कोई अफसर नहीं रोक सकता!
किसान वो है जो धरती को सींचता है, पेट भरता है, और तब भी सबसे ज़्यादा मार झेलता है। आज उसका हक छीना जा रहा है – उसे रोकिए, आवाज़ बनिए।
???? ये खबर सिर्फ खबर नहीं, एक आंदोलन है। इसे जितना हो सके, फैलाइए।
???? रिपोर्ट: खबरी न्यूज – आपकी आवाज़, आपकी लड़ाई के साथ तैयार किया: K.C. श्रीवास्तव (Advocate) के मार्गदर्शन में ???? Like. Share. Comment. Because किसान की चुप्पी अब टूटनी चाहिए।