


✍️ Khabari News एडिटर-इन-चीफ़ के.सी. श्रीवास्तव (Advocate)
???? सीहागांव-गोंडा |
“ना किसी ने सोचा था, ना किसी ने रोका था… मौत चुपके से आई और सब कुछ ले गई।”
???? श्रद्धा की राह पर मौत ने किया स्वागत!
रविवार सुबह, एक बोलेरो गाड़ी में 15 लोग निकले थे पृथ्वीनाथ मंदिर जलाभिषेक के लिए। गाड़ी थी ओवरलोड, दिलों में श्रद्धा थी ओवरफ्लो, लेकिन रास्ते में जो मोड़ आया – उसने पूरे परिवार की जिंदगी का “Full Stop” लगा दिया।
???? थोरूड़ा मोड़ – गाड़ी का बैलेंस बिगड़ा, सड़क फिसली, स्टेयरिंग डगमगाई… और सीधा गोता नहर में!
गोंडा नहर हादसे में जिंदा बची इस बच्ची की दुनिया उजड़ गई, फूट-फूटकर रोते हुए क्या कहा?
बच्ची को लोगों ने बाहर निकाल लिया। वह अपने घर वालों की बॉडी के पास दहाड़ मारकर रोये जा रही है। उसने बताया- हम लोग पृथ्वीनाथ मंदिर में दर्शन करने जा रहे थे। हम लोग गाड़ी में बैठे हुए थे। अचानक से पता नहीं कैसे.. क्या हुआ..। सब खत्म हो गया.। मौजूद लोगों ने बच्ची को ढांढस बंधाते हुए गांव-पता के बारे में जानकारी ली। 7 सीटर बोलेरो में दोगुने लोग सवार थे। 15 में से 11 की मौत हो गई, जबकि 4 को बचा लिया गया।

???? 11 मौतें, 9 चिताएं, 1 गांव बर्बाद – ये सिर्फ हादसा नहीं, सिस्टम की सरेआम नाकामी है!
???? सीहागांव से निकली बोलेरो… लेकिन लौटकर आईं सिर्फ लाशें।
एक ही परिवार के 9 लोग – कोई मां, कोई बेटा, कोई दामाद, कोई बहू, कोई पोता…
“पूरा खानदान एक साथ मिट्टी में मिल गया – और अफसर कह रहे हैं, ‘जांच की जा रही है।’”
???? “मंदिर जाना था मन्नत लेकर, अब गांव लौटीं 9 लाशें!”
???? हादसे की जगह – बेलवा बहुता नहर, इटियाथोक थाना क्षेत्र
⏰ समय – सुबह 7:30 बजे करीब
☔ मौसम – हल्की बारिश, सड़कों पर फिसलन
???? गाड़ी जब निकली, लोगों ने हाथ जोड़े थे। लेकिन दोपहर तक गांव में लाशें आईं, और हर घर से उठने लगीं चीखें!
????⚕️ DM, SP, NDRF – सब पहुंचे, लेकिन बहुत देर हो चुकी थी…
जैसे ही सूचना फैली, मौके पर DM प्रियंका निरंजन, SP विनीत जायसवाल, और NDRF की टीम पहुंची।
गोताखोर कूदे, बोलेरो निकाली गई… शव बाहर आए… लेकिन ज़िंदगी तो पहले ही डूब चुकी थी।
“गाड़ी नहर की गहराई में उलटी पड़ी थी – एक-एक कर लाशें निकाली जा रही थीं। गांव का बच्चा-बच्चा सन्न था।”
????♂️ गांव में पसरा मातम: जहां गूंजती थीं हंसी, अब वहीं चुप्पी चीख रही है…
सीहागांव – अब ये गांव नहीं रहा, शवगृह बन गया है।
सड़कें सुनसान हैं, हर चेहरा रोता है।
जहां एक छत के नीचे 9 लोग हँसते थे, वहां अब सिर्फ राख है।
“एक बूढ़ी मां चिल्ला रही थी – ‘हे भगवान! सब ले गइलू, हमके जियइब काहे छोड़ देहलू?’”
⚠️ सवाल सीधा है – नहर के किनारे कोई रेलिंग क्यों नहीं थी?
???? न कोई बोर्ड, न स्पीड ब्रेकर, न गार्ड रेल!
???? थोरूड़ा मोड़ पहले भी निगल चुका है जानें… फिर क्यों नहीं जागा सिस्टम?
Khabari सवाल पूछता है:
- क्या ये जानें “भगवान भरोसे” थीं?
- क्या हादसा सिर्फ गाड़ी पलटने से हुआ या अफसरों की लापरवाही से?
????️ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया शोक, 5 लाख मुआवज़े की घोषणा
सीएम योगी ने ट्वीट कर घटना पर दुख जताया और मृतकों के परिवारों को ₹5 लाख मुआवज़ा देने की घोषणा की।
साथ ही, घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए।
लेकिन सवाल वही –
“क्या 5 लाख में बिकती है ज़िंदगी?
क्या मुआवज़ा ही संवेदना की आखिरी सीमा है?”
???? मौके “लाशों के बीच चीत्कार गूंज रही थी…”
“हम पहुंचे तो पानी में बोलेरो उलटी पड़ी थी… DM-SP खुद शवों को देखते रहे… और गांव वाले रो-रोकर बेहोश हो रहे थे।”
“हर 2 मिनट पर एक शव… और हर शव के साथ टूटती एक मां, एक बहन, एक भाई…”
???? Khabari News की जनता से अपील – इस हादसे को मत भूलिए, इसे आवाज़ बनाइए!
???? Khabari की 5 मांगें:
- थोरूड़ा मोड़ पर तुरंत रेलिंग और चेतावनी बोर्ड लगें
- CCTV और स्पीड ब्रेकर अनिवार्य हों
- ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई हो
- मृतकों के परिवारों को एक सदस्य को नौकरी मिले
- जिला प्रशासन की लापरवाही पर जांच बैठाई जाए
???? जनता कह रही है – “अब मुआवज़ा नहीं, जिम्मेदार चाहिए!”
???? “गाड़ी सड़क से फिसली थी, लेकिन सरकार ज़िम्मेदारी से फिसल रही है!”
???? “श्रद्धा से पहले सुरक्षा दो, श्रद्धा नहीं डूबती… जानें नहीं जातीं!”
✍️ Khabari Editorial – “सवाल अब सिर्फ हादसे का नहीं, सोच का है”
“हर मौत के पीछे सिर्फ तेज़ रफ्तार नहीं होती, कहीं न कहीं सुस्त सिस्टम छुपा होता है।”
“मंदिर तक पहुंचना तो सपना था, लेकिन शासन की लापरवाही ने श्मशान पहुंचा दिया।”
????️ आज अगर आप चुप रहे… तो कल आपकी गाड़ी भी इस सिस्टम में डूब सकती है।
???? Khabari News | Editor-in-Chief: के.सी. श्रीवास्तव (Advocate)





