रूप चौदस‚दीपावली से चित्रगुप्त पूजनोत्सव तक – रोशनी, रिश्ते और धर्म का पंचपर्व

✍️ Khabari News Exclusive | संपादक – के.सी. श्रीवास्तव (Advocate)
???? New Delhi – Varanasi – Chandauli
रूप चौदस (Narak Chaturdashi 2025): जब पाप का अंत और रूप-सौंदर्य का आरंभ होता है
???? तिथि: 20 अक्टूबर 2025, सोमवार
???? शुभ मुहूर्त: प्रातः 4:45 बजे से सूर्योदय तक (अभ्यंग स्नान)
???? थीम: आत्मा की शुद्धि और शरीर का तेज
कथा और महत्व:
इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने दैत्य राजा नरकासुर का वध कर 16,000 कन्याओं को मुक्त कराया था।
इसी कारण इसे नरक चतुर्दशी कहा गया — बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक।
साथ ही यह दिन रूप चौदस के नाम से भी प्रसिद्ध है, जब महिलाएं उबटन, तेल स्नान और सुंदरता का पूजन करती हैं ताकि उनके भीतर और बाहर दोनों में तेज बना रहे।
???? खबरी उपाय – करें ये 5 चमत्कारी कर्म:
1️⃣ तिल और आंवले के तेल से स्नान करें – नकारात्मकता खत्म होती है।
2️⃣ मुख्य द्वार पर चार दीप जलाएं – यमराज का आशीर्वाद मिलता है।
3️⃣ तुलसी पर दीप रखें – घर में शांति और सुख का वास होता है।
4️⃣ गुलाब के पुष्प से लक्ष्मी पूजन करें – दरिद्रता दूर होती है।
5️⃣ दक्षिण दिशा में यमदीप जलाएं – अकाल मृत्यु का भय मिटता है।
हनुमान जयंती 2025 – संक्षेप जानकारी
- तारीख: 19 अक्टूबर 2025
- साइत (उपाय/पूजा समय): सुबह 7:30 बजे से 10:30 बजे तक सबसे शुभ
- पूजा विधि:
- सुबह स्नान के बाद हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर के सामने बैठें।
- लाल वस्त्र और लाल फूल अर्पित करें।
- 11 या 21 बार हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करें।
- कच्चा हलवा, गुड़ और मूंगफली अर्पित करना शुभ।
- अन्य शुभ बातें:
- मंदिर जाकर विशेष आरती।
- संकट निवारण और शक्ति बढ़ाने के लिए हनुमान मंत्र का जाप।
- मंगलवार या शनिवार को व्रत रखने वालों के लिए विशेष फलदायक।
???? संदेश: हनुमान जयंती पर भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा अपनाएं।



???? इस दिन जो भी व्यक्ति स्नान-दीपदान करता है, उसके पाप जलकर भस्म हो जाते हैं।
???? दीपावली (Diwali 2025): जब हर दीप में बसता है विश्वास और समृद्धि
???? तिथि: 21 अक्टूबर 2025, मंगलवार
???? लक्ष्मी पूजन मुहूर्त: सायं 5:47 PM से 7:43 PM तक
???? देवता: मां महालक्ष्मी, भगवान गणेश, कुबेर देव
दीपावली केवल रोशनी का त्यौहार नहीं — यह आस्था, कर्म और आत्मबल का पर्व है।
माना जाता है कि लक्ष्मी जी उसी घर में प्रवेश करती हैं जो स्वच्छ, सुव्यवस्थित और सच्चे मन से सजा हो।
हर दीपक जलाने के साथ मनुष्य अपने जीवन की एक नकारात्मकता मिटाता है।
???? खबरी मंत्र:
दीपावली की रात उत्तर दिशा में चांदी या तांबे के सिक्के रखकर “ॐ कुबेराय नमः” का जाप करें।
सुबह उन्हें तिजोरी या कैश बॉक्स में रखें — सालभर धन और स्थिरता बनी रहती है।
???? दीपावली की रात एक दीया किसी गरीब के घर जलाना – यही सच्ची पूजा है!
गोवर्धन पूजा (Annakoot Mahotsav 2025): प्रकृति और अन्न का आभार दिवस
???? तिथि: 22 अक्टूबर 2025, बुधवार
???? शुभ मुहूर्त: सुबह 8:30 AM से 10:00 AM तक
???? पूजन देवता: भगवान श्रीकृष्ण, गोवर्धन पर्वत और गौमाता
कहते हैं जब इंद्र देव अहंकारी हो गए, तब श्रीकृष्ण ने अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाया था।
इसलिए यह दिन “गोवर्धन पूजा” कहलाया — जब हम प्रकृति, अन्न और गौमाता के प्रति आभार प्रकट करते हैं।
???? खबरी परंपरा:
अन्नकूट प्रसाद (56 भोग) बनाकर श्रीकृष्ण को अर्पित करें और घर के द्वार पर गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाएं।
“श्रीकृष्ण गोवर्धननाथाय नमः” मंत्र जपने से वर्षभर सुख-समृद्धि मिलती है।
???? भइया दूज (Bhai Dooj 2025): प्रेम, सुरक्षा और विश्वास का त्यौहार
???? तिथि: 23 अक्टूबर 2025, गुरुवार
???? पूजन मुहूर्त: सुबह 10:15 AM से दोपहर 12:25 PM तक
कहानी कहती है कि यमराज अपनी बहन यमुना जी से मिलने गए।
यमुना जी ने उनका तिलक किया, मिठाई खिलाई और आरती उतारी।
तब यमराज ने कहा — “जो भाई आज के दिन अपनी बहन से तिलक करवाता है, उसे यम का भय नहीं।”
???? खबरी रिवाज:
- बहनें भाई के माथे पर चंदन, अक्षत और सिंदूर का तिलक लगाएं।
- भाई उन्हें उपहार दें और सुरक्षा का वचन दें।
- बहन के घर भोजन करने से आयु बढ़ती है।
???? भइया दूज का संदेश – रिश्तों का तिलक, जीवन का उजाला।
???? चित्रगुप्त पूजनोत्सव (Chitragupt Puja 2025): लेखनी और न्याय का पर्व
???? तिथि: 24 अक्टूबर 2025, शुक्रवार
✍️ पूजन देवता: भगवान चित्रगुप्त
???? शुभ मुहूर्त: सुबह 9:00 AM से 11:30 AM तक
यह दिन कायस्थ समाज का सबसे बड़ा पर्व है।
भगवान चित्रगुप्त, यमराज के सचिव हैं जो हर जीव के कर्मों का लेखा रखते हैं।
इस दिन लोग कलम-दवात, किताबें और बहीखाते की पूजा करते हैं और नया लेखा प्रारंभ करते हैं।
???? खबरी सलाह:
“ॐ श्री चित्रगुप्ताय नमः” मंत्र लिखकर नया पन्ना आरंभ करें —
यह कर्म में सफलता, ज्ञान और सम्मान का संकेत है।
???? खबरी पंचांग – पंचपर्व की शुभ साइत तिथियां 2025
| पर्व | तिथि | वार | शुभ मुहूर्त |
|---|---|---|---|
| रूप चौदस (नरक चतुर्दशी) | 20 अक्टूबर 2025 | सोमवार | 4:45 AM – सूर्योदय |
| दीपावली (लक्ष्मी पूजन) | 21 अक्टूबर 2025 | मंगलवार | 5:47 PM – 7:43 PM |
| गोवर्धन पूजा | 22 अक्टूबर 2025 | बुधवार | 8:30 AM – 10:00 AM |
| भइया दूज | 23 अक्टूबर 2025 | गुरुवार | 10:15 AM – 12:25 PM |
| चित्रगुप्त पूजनोत्सव | 24 अक्टूबर 2025 | शुक्रवार | 9:00 AM – 11:30 AM |



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