



खबरी न्यूज नेशनल नेटवर्क चकिया‚चंदौली।
“धरती के भगवान किसान, और उनके परिवारों का सहारा बनी सरकार!
“सिर्फ मदद नहीं, यह भरोसा है सरकार का — कि किसान अकेला नहीं है!”
ग्राम दिरेहू, चकिया की मिट्टी आज गवाह बनी एक ऐतिहासिक क्षण की। एक तरफ जहाँ 10 कृषक आश्रित परिवारों की आँखों में अपने खोए हुए परिजनों की टीस थी, वहीं दूसरी ओर उनके हाथों में था सरकार द्वारा दिया गया “आर्थिक संबल का प्रतीक” — मृतक आश्रित सहायता चेक।
इस भावुक मौके पर उपजिलाधिकारी विकास मित्तल खुद मौजूद रहे। उनका संदेश साफ था — “यह योजना सिर्फ सरकारी औपचारिकता नहीं, किसानों और उनके परिवारों के प्रति प्रदेश सरकार की गहरी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।“
???? जब चेक हाथ में आया, आंसू थम नहीं पाए…
कृषक दुर्घटना में अपने पति को खो चुकी शान्ती देवी ने जब प्रतीकात्मक चेक लिया, तो भीगी आँखों से बस इतना कहा –
“भले वो अब नहीं हैं… लेकिन सरकार ने आज हमें बताया कि हमारा वजूद है, हमारी पीड़ा कोई देख रहा है।“
उनकी तरह ही अन्य नौ कृषक आश्रित परिवारों को भी यह चेक देकर आर्थिक और सामाजिक स्थायित्व की एक नई उम्मीद दी गई।
???? बनवासी परिवारों को मिला ‘अपने घर’ का सपना
इसी कार्यक्रम में ग्राम दिरेहू के 20 बनवासी लाभार्थियों को उनके बहुप्रतीक्षित आवास आवंटन पत्र भी सौंपे गए। वर्षों से बेघर, छप्पर के नीचे दिन-रात काट रहे इन परिवारों के लिए यह दिन किसी त्यौहार से कम नहीं था।
“छप्पर से छत तक का यह सफर, अब हमारे बच्चों के सपनों को उड़ान देगा…”
– बोले बनवासी लाभार्थी संतोष
???? अब न कोई बेघर रहेगा, न बेसहारा
चकिया विधायक कैलाश खरवार ने लाभार्थियों को शुभकामनाएं दीं और अपने भाषण में स्पष्ट किया:
“यह सरकार सिर्फ घोषणाओं की सरकार नहीं है, यह ज़मीन पर उतरकर आपके जीवन को बदलने वाली सरकार है। अब हर गरीब को घर मिलेगा, हर पीड़ित को हक मिलेगा।“
???? उपजिलाधिकारी का भावनात्मक संदेश
उपजिलाधिकारी विकास मित्तल ने उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा:
“यह योजना सिर्फ पैसा नहीं देती, यह आत्मसम्मान लौटाती है। जब किसी किसान की असमय मृत्यु होती है, तो उसका परिवार कई मोर्चों पर टूट जाता है। यह आर्थिक सहायता उन्हें पुनः जीवन से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।“
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य सिर्फ पुनर्वास नहीं, बल्कि ग्रामीण गरिमा और स्थायित्व सुनिश्चित करना है।
???? कौन-कौन रहा मौजूद?
???? ग्राम प्रधान ने प्रशासन की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि
“आज दिरेहू में जिस तरह से पारदर्शी ढंग से पात्रों को लाभ मिला है, यह पूरे जिले के लिए आदर्श मॉडल है।“
????लोकेश कुमार द्विवेदी राजस्व निरीक्षक – चकिया शहाबगंज, लेखपाल अरविन्द कुमार, पंचायत सचिव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और सरकार के इस प्रयास की जमकर सराहना की।
???? जनता क्या कहती है?
???? “पहली बार महसूस हुआ कि हमारा दर्द कोई सुन रहा है। पहले जब कोई कमाने वाला जाता था, तो पूरा घर बिखर जाता था। अब सरकार उसका सहारा बन गई है।”
???? “आवास योजना का पत्र मिलते ही लगा जैसे अब हमारी भी गिनती इंसानों में हो गई है।”
???? योजना का उद्देश्य क्या है?
- यह योजना कृषक दुर्घटना या मृत्यु की स्थिति में उनके आश्रितों को आर्थिक सहायता प्रदान करती है।
- ₹5 लाख तक की सहायता राशि पीड़ित परिवार को दी जाती है।
- साथ ही पात्र गरीब परिवारों को आवास की सुविधा भी चरणबद्ध ढंग से दी जाती है।
???? Khabari News इडिटर इन चीफ के०सी०श्रीवास्तव एड० टिप्पणी:
???? “जब व्यवस्था संवेदनशील हो, तो न्याय सिर्फ न्याय नहीं, इंसानियत बन जाता है!”
चकिया जैसे ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में सरकारी योजनाओं की जमीनी क्रियान्वयन का यह उदाहरण दिखाता है कि जब जनप्रतिनिधि, अधिकारी और समाज साथ चलें, तो बदलाव संभव है। यह सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं — भविष्य का बीजारोपण है।



