✍️ खबरी न्यूज ब्यूरो चकिया | संपादन: के.सी. श्रीवास्तव (एडिटर-इन-चीफ), ब्यूरो चीफ: तरुण मित्र, चंदौली



“अगर माँ की ममता को अमर करना है, तो धरती पर एक पेड़ लगाना होगा।”
ये शब्द थे बृक्ष बंधु और लाइफटाइम अचीवमेंट ग्रीन गार्डियन अवार्ड से सम्मानित डॉ. परशुराम के, जिन्होंने जब लतीफशाह वन विभाग के पुराने बंगले पर खड़े होकर छात्रों के सामने यह वाक्य कहा — तो हवा तक ठहर गई। आसपास के वृक्ष मानो झुककर उनका अभिवादन कर रहे थे।

???? भावनाओं की लहर और प्रकृति की पुकार
‘एक पेड़ माँ के नाम’ सप्ताह के समापन समारोह में छात्रों की आंखें नम थीं, और वन विभाग के अधिकारी भी अपने दिल की गहराइयों में कुछ महसूस कर रहे थे। डॉ. परशुराम ने जब यह कहा —
“एक पेड़ लगाना केवल एक हरियाली का काम नहीं है, ये माँ की गोद को धरती पर जीवित रखने जैसा संकल्प है।”
— तब तालियों की गूंज नहीं, बल्कि भावनाओं की सिसकी गूंज रही थी।
???? कार्यक्रम स्थल — लतीफशाह का ऐतिहासिक वन विभागीय बंगला
बनारस के निकट चंदौली जिले का लतीफशाह क्षेत्र न सिर्फ प्राकृतिक धरोहरों से भरा है, बल्कि यह स्थान अब बृक्ष अभियान के इस भावुक समापन का गवाह बन गया। इस दौरान मातेश्वरी स्कूल, चकिया के 200 से अधिक छात्र, शिक्षक, वन विभाग के अधिकारीगण, और खबरी न्यूज की टीम मौजूद रही।

???? खबरी न्यूज की मौजूदगी ने दिलाई शपथ — “हम पेड़ों को मारे नहीं, माँ को मारे बिना जियें”
खबरी न्यूज एडिटर इन चीफ के.सी. श्रीवास्तव एड० की उपस्थिति ने छात्रों में उत्साह का संचार किया।
ब्यूरो चीफ चंदौली तरुण मित्र ने छात्रों से शपथ दिलवाई:
“हम वादा करते हैं कि जो पेड़ हम लगाएँगे, उन्हें बचाएँगे। ना उन्हें काटेंगे, ना मरने देंगे, क्योंकि वे माँ की आत्मा हैं।”
जब बच्चों ने हाथ उठाकर यह शपथ दोहराई, तो पूरा वन बंगला गूंज उठा — मानो हर पत्ता, हर टहनी इस वचन को सुन रही हो।
???? वन विभाग की ऐतिहासिक घोषणा — “12 लाख वृक्ष, 12 लाख माँओं का आशीर्वाद”
चंद्रप्रभा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी श्री अखिलेश द्विवेदी ने कार्यक्रम में ऐलान किया कि—
“इस वर्ष उत्तर प्रदेश सरकार ने चंदौली जनपद में 12 लाख वृक्षारोपण का संकल्प लिया है। हर एक वृक्ष माँ के सम्मान का प्रतीक होगा।”
इस घोषणा के बाद, तालियों से नहीं — भावुक आंसुओं से जवाब मिला।
???? छात्र बोले — ‘माँ का नाम है, तो जीवन भर निभाएंगे’
मातेश्वरी स्कूल की छात्रा पूजा यादव (कक्षा 9) ने मंच से भावुक होकर कहा —
“हमने जीवन में कई बार पौधे लगाए हैं, पर पहली बार माँ के नाम पर लगाएँगे। अब वो पेड़ सिर्फ पेड़ नहीं, माँ की छांव बनेंगे।”
छात्र विवेक गुप्ता (कक्षा 10) ने कहा:
“अब जब पेड़ को पानी देंगे, लगेगा माँ को दूध पिला रहे हैं। अब गलती से भी उन्हें टूटने नहीं देंगे।”
???? डॉ. परशुराम की प्रेरणादायक बातें — “पेड़ ही माँ की सांसें हैं”
डॉ. परशुराम ने बच्चों को बताया कि—
“एक पेड़, रोज़ 20 लोगों के लिए ऑक्सीजन बनाता है। माँ की ममता की तरह ही पेड़ बिना कहे, बिना शर्त, सबको जीवन देते हैं।”
उन्होंने कहा, “पेड़ कटने का मतलब है, माँ के कंधे को कुल्हाड़ी मारना।” — इस लाइन पर मंच पर सन्नाटा छा गया।

???? दृश्य जो रुक गए आंखों में —
- छोटे-छोटे हाथों में पौधे थे, और उन पौधों पर टैग लगे थे — “माँ के नाम”
- हर बच्चा पौधे को जमीन में रखते वक्त आँखें मूँद रहा था — मानो माँ का नाम मन में दोहरा रहा हो
- खबरी न्यूज कैमरा क्रू ने जब यह दृश्य कैद किया, तो खुद कैमरा मैन की आंखों में भी नमी थी
???? सोशल मीडिया पर गूंजेगा संदेश — “One Tree for Mother – A Tribute to Life”
खबरी न्यूज इस अभियान को लेकर विशेष सोशल मीडिया श्रृंखला शुरू करने जा रहा है — जिसका टैगलाइन होगा:
“One Tree for Mother – A Tribute to Life”
???? #EkPedMaaKeNaam
???? #GreenTribute
???? #MaaKiChhaya
???? यह सिर्फ समापन नहीं, एक शुरुआत है…
‘एक पेड़ माँ के नाम’ सप्ताह का समापन भले हो गया, लेकिन यह आंदोलन अब हर जिले, हर स्कूल और हर गाँव तक पहुँचाया जाएगा।
डॉ. परशुराम ने अंत में कहा:
“एक दिन आएगा जब बच्चा जन्म लेगा और परिवार वाले उसके नाम के साथ एक पेड़ माँ के नाम भी लगाएंगे — यही होगा असली संस्कार।”
???? खबरी कमेंट्री — संपादक के.सी. श्रीवास्तव की कलम से:
“हमने राजनीति देखी, नीतियाँ देखी, योजनाएं देखीं। पर जब बच्चों ने पेड़ों को माँ कहा, तब असली विकास की जड़ें दिखीं। खबरी न्यूज इस ‘हरियाली आंदोलन’ को गाँव-गाँव तक ले जाएगा।”
???? प्रमुख बिंदु —
| विषय | विवरण |
|---|---|
| कार्यक्रम | ‘एक पेड़ माँ के नाम’ सप्ताह का समापन समारोह |
| स्थान | लतीफशाह वन विभाग बंगला, चंदौली |
| मुख्य अतिथि | डॉ. परशुराम (ग्रीन गार्डियन अवार्डी) |
| प्रमुख वक्ता | खबरी न्यूज एडिटर-इन-चीफ के.सी. श्रीवास्तव, वन अधिकारी अखिलेश द्विवेदी |
| प्रमुख शपथ | “माँ के नाम पेड़ लगाएंगे, उसे मरने नहीं देंगे” |
| संकल्प | चंदौली में 12 लाख वृक्षारोपण 2025 |
????️ खास वीडियो सीरीज़ जल्द — #MaaKeNaam
???? बच्चों की ज़ुबानी माँ के लिए लगाए गए पेड़ की कहानी
???? लोगों के अनुभव, वनकर्मियों के संघर्ष और प्रकृति का संवाद
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अंत में — जब आप अगली बार अपनी माँ को याद करें… एक पेड़ जरूर लगाएं! ????
✍️ रिपोर्टिंग: खबरी न्यूज ब्यूरो | चंदौली



