???? हिंदी पत्रकारिता दिवस 2025 | चंदौली प्रेस क्लब की विशेष संगोष्ठी से रिपोर्ट
✍️ रिपोर्ट – Khabari News ब्यूरो, चंदौली
???? “ख़ुद का भूख मिटाने के साथ-साथ सच लिखने की चुनौती है आज के पत्रकार के सामने” – जैसे ही ये वाक्य डॉ. मनोज सिंह के मुख से निकले, होटल स्प्रिंग स्काई का सभागार गूंज उठा। अवसर था हिंदी पत्रकारिता दिवस 2025 के शुभ मौके पर आयोजित गोष्ठी और कार्यशाला का, जिसमें विषय रखा गया था – “हिंदी पत्रकारिता की परंपरा, प्रगति और भविष्य”।
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन किया चंदौली प्रेस क्लब ने, जिसमें जिले और राज्य के वरिष्ठ पत्रकार, आलोचक, लेखक, शिक्षाविद, और मीडिया जगत की तमाम नामचीन हस्तियों ने भाग लिया।
- ???? “AI खबरें दे सकता है, लेकिन संवेदना नहीं – पत्रकारिता का दिल अभी इंसानी है।”
???? “हिंदी पत्रकारिता सिर्फ भाषा नहीं, भारत की आत्मा है।”
???? “एक सच्चा पत्रकार पहले भूखा रह सकता है, लेकिन झूठ नहीं लिख सकता।”
???? “पत्रकारिता को अगर बचाना है, तो पहले पत्रकार को संभालना होगा।”
???? “कलम अब भी तलवार से तेज है – अगर इरादे सही हों।”



???? कार्यक्रम की शुरूआत – दीप से ज्ञान, और संवाद से विचार
???? कार्यक्रम की भव्य शुरुआत मां सरस्वती और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जुगल किशोर जी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुई। मुख्य अतिथि थे प्रो. मनोज सिंह, वरिष्ठ आलोचक, हिंदी विभाग, काशी हिंदू विश्वविद्यालय। विशिष्ट अतिथि के रूप में मंच की शोभा बढ़ाई व्योमेश शुक्ल, प्रधानमंत्री नागरी प्रचारिणी सभा के प्रतिनिधि और सुप्रसिद्ध लेखक ने। साथ ही मौजूद रहे वरिष्ठ पत्रकार विजय विनीत, जिनकी पत्रकारिता में चार दशकों की साधना आज भी प्रेरणा है।वही मौजूद रहे डॉ विनय वर्मा।

????️ मुख्य अतिथि प्रो. मनोज सिंह का बयान – “पत्रकारिता भूख की नहीं, ज़रूरत की होनी चाहिए”
“पत्रकारिता समाज के स्वाद के लिए नहीं, उसकी ज़रूरत के लिए होनी चाहिए। पत्रकारों को खबरों की भूख होनी चाहिए, न कि उसके चटपटे स्वाद की।”
— डॉ. मनोज सिंह, मुख्य अतिथि
उनकी यह टिप्पणी सभागार में बैठे हर पत्रकार के दिल को छू गई। उन्होंने कहा कि आज पत्रकारिता सिर्फ सूचना नहीं, दिशा देने का माध्यम है, और जब तक पत्रकार खुद भूखा रहकर भी सच लिखने की हिम्मत रखेगा, समाज में उम्मीद ज़िंदा रहेगी।
???? हिंदी पत्रकारिता की ऐतिहासिक जड़ें – व्योमेश शुक्ल की भावुक प्रस्तुति
“हिंदी पत्रकारिता 19वीं सदी में उपजी एक क्रांति थी, जिसने भारत को आज़ादी दिलाने में कलम की ताकत दिखाई।”
— व्योमेश शुक्ल, विशिष्ट अतिथि
शुक्ल ने बताया कि कैसे हिंदी पत्रकारिता ने ब्रिटिश हुकूमत के समय राष्ट्रवाद की ज्वाला जगाई और कैसे आज भी वह मशाल बुझी नहीं है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का पहला उद्देश्य समाज में संवाद कायम करना और जनता के सवालों को आवाज़ देना होना चाहिए।
???? एआई जर्नलिज्म की नई लहर – विजय विनीत की व्यावहारिक चेतावनी
“AI पत्रकारिता आने वाले समय की सबसे बड़ी चुनौती और अवसर दोनों है। लेकिन याद रखिए – तकनीक नैतिकता की जगह नहीं ले सकती।”
— विजय विनीत, वरिष्ठ पत्रकार
उन्होंने बताया कि आज पत्रकारिता मशीन लर्निंग, NLP और डेटा एनालिटिक्स की ओर बढ़ रही है, लेकिन अगर मानवीय संवेदनाएं पीछे रह जाएं, तो पत्रकारिता सिर्फ रिपोर्टिंग बनकर रह जाएगी। उन्होंने युवाओं को AI टूल्स को अपनाने की सलाह दी, लेकिन ‘संवेदना’ न खोने की चेतावनी भी दी।
????⚕️ क्लियर मेडी हॉस्पिटल का अभिनव प्रयास – पत्रकारों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता
इस अवसर पर क्लीयर मेडी DMH मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल द्वारा एक विशेष नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। हॉस्पिटल के सीईओ कमांडर नवनीत बाली ने पत्रकारों के लिए ग्लोबल वैलनेस कार्ड वितरित किया, जिसमें नि:शुल्क ओपीडी, प्राथमिक उपचार, जांच और दवाओं में छूट शामिल हैं।
????️ “पत्रकारों की सेवा में स्वास्थ्य भी सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है – और हम इस दिशा में पहल कर रहे हैं।”
— कमांडर नवनीत बाली
???? एंबीशन स्कूल वाराणसी और रामदास गुप्ता होलसेल का सहयोग
कार्यक्रम में अन्य प्रायोजकों – Ambition School, Varanasi और Ramdas Gupta Wholesale Bazar, Nai Basti – ने भी पत्रकारों के सम्मान में सहयोग किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षा और व्यापार तब तक सार्थक नहीं जब तक वो समाज को जोड़ने वाले हाथों – पत्रकारों – को सम्मान न दें।
???? कार्यक्रम के सत्रों में उठे अहम सवाल – “क्या हम सच के लिए लिख रहे हैं या सनसनी के लिए?”
प्रेस क्लब द्वारा आयोजित संगोष्ठी में कई सवालों पर खुलकर चर्चा हुई:
- क्या आज की पत्रकारिता दिशा दे रही है या दिशा बदल रही है?
- क्या टीआरपी और लाइक्स के लिए खबरें बनाई जा रही हैं?
- क्या पत्रकार आज भी वो ‘कलम का सिपाही’ है जो कभी ज़माने से लड़ा करता था?
???? सम्मान और आयोजक मंडल का योगदान
इस संगोष्ठी में सैकड़ों पत्रकारों को अंगवस्त्र और उपहार देकर सम्मानित किया गया। मंच संचालन किया डॉ. कमलेश तिवारी ने, अध्यक्षता की डॉ. अनिल यादव ने, और संयोजन में रहे डॉ. विनय वर्मा।
संचालन टीम में शामिल रहे:
- आनंद सिंह
- के.सी. श्रीवास्तव (एडवोकेट) – Khabari News एडिटर
- सरदार महेंद्र सिंह
- पवन तिवारी
- अमरेंद्र पांडेय
- बृजेश कुमार
- सत्यनारायण प्रसाद
- अमित द्विवेदी
- रमेश यादव
- फैयाज अंसारी
- मनमीत सिंह
- मृत्युंजय तिवारी
- डी. के. जायसवाल
???? स्मृति चिह्न व अंगवस्त्र का वितरण:
प्रमुख रूप से किया – अमरेंद्र पांडेय
स्वागत – संदीप निगम
आभार – कृष्ण मोहन गुप्ता
???? अंत में – Khabari News की कलम से
✍️ “पत्रकारिता सिर्फ पेशा नहीं, समाज के सच का आईना है। और इस आईने को धुंधला होने से बचाना हर पत्रकार की जिम्मेदारी है।”
— Khabari News | Chief Editor K.C. Shrivastava (Advocate)
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