
???? चंदौली से Khabari की विशेष रिपोर्ट
22 अप्रैल 2025, चंदौली:
अगर आप चंदौली जिले में कोई निजी नर्सिंग होम, क्लिनिक, पैथालॉजी लैब, एक्स-रे सेंटर, डेंटल क्लिनिक या फिजियोथेरेपी सेंटर चला रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। वर्ष 2025-26 के लिए पंजीकरण एवं नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इस बार प्रक्रिया सिर्फ औपचारिकता नहीं है—बल्कि बेहद सख्त और प्रमाण-पत्र आधारित होगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO), चंदौली ने साफ कर दिया है कि बिना समुचित दस्तावेज़ों के अब किसी भी मेडिकल प्रतिष्ठान का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा।

???? क्या है नया निर्देश?
मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय, चंदौली द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, निजी चिकित्सा संस्थानों को अब ऑनलाइन पोर्टल up-health.in और clinicalestablishment.gov.in पर आवेदन करना अनिवार्य है। लेकिन सिर्फ आवेदन काफी नहीं—उसे मान्य बनाने के लिए कुछ बेहद जरूरी दस्तावेज़ पोर्टल पर अपलोड करना भी जरूरी है।
???? इन दस्तावेजों की अनिवार्यता की गई है तय:
- ✅ स्वीकृत नक्शा/मानचित्र – जो संस्थान वाराणसी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत आते हैं, उन्हें वहां से स्वीकृत नक्शा पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
- ✅ बायोमेडिकल वेस्ट NOC – उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र।
- ✅ वॉटर और एयर NOC – पानी और वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए अलग से NOC अनिवार्य है।
- ✅ फायर एनओसी (Fire NOC) – अग्निशमन विभाग से प्रमाण पत्र।
- ✅ डिस्प्ले ऑफ इन्फॉर्मेशन – संस्थान की विवरणी पोर्टल पर अपलोड होनी चाहिए।
- ✅ स्थान/स्टाफ/बेड में बदलाव की स्थिति का शपथ पत्र – चाहे बदलाव हुआ हो या नहीं, प्रबन्धक को शपथ पत्र मूल रूप में प्रस्तुत करना होगा।
- ✅ इंचार्ज चिकित्सक का शपथ पत्र – ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया जाना अनिवार्य है।
- ✅ पूर्व पंजीकरण प्रमाण पत्र – पिछले वर्ष का प्रमाण पत्र मूल रूप में प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
???? ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया:
चरण 1: up-health.in या clinicalestablishment.gov.in पोर्टल पर जाकर लॉग इन करें।
चरण 2: मांगे गए सभी डॉक्यूमेंट स्कैन कर PDF फॉर्मेट में अपलोड करें।
चरण 3: आवेदन पत्र भरकर शुल्क का भुगतान करें।
चरण 4: आवेदन की पुष्टि होते ही CMO कार्यालय से सत्यापन हेतु संपर्क किया जाएगा।
चरण 5: इंचार्ज चिकित्सक को भौतिक सत्यापन हेतु CMO कार्यालय में उपस्थित होना अनिवार्य होगा।
???? बिना दस्तावेज़ों के आवेदन होगा निरस्त:
CMO ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी आवश्यक प्रमाण पत्र अपलोड नहीं किया गया, तो ऐसा आवेदन स्वतः अमान्य कर दिया जाएगा, और इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अस्पताल/क्लिनिक के प्रबन्धक या संचालक की होगी।
????️ CMO का स्पष्ट संदेश – ‘अब बिना प्रमाणपत्र के स्वास्थ्य सेवा नहीं’
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा:
“हमारी प्राथमिकता जनहित और मरीजों की सुरक्षा है। अगर कोई मेडिकल संस्थान जरूरी प्रमाण पत्र नहीं दे पा रहा है, तो वहां मरीजों का इलाज कैसे भरोसेमंद हो सकता है? सभी को नियमों का पालन करना होगा।”
???? सख्ती का कारण क्या है?
पिछले वर्षों में कुछ ऐसे मामलों की रिपोर्टिंग हुई थी, जहां बिना लाइसेंस, बिना फायर एनओसी और बिना बायो वेस्ट प्रबंधन के मेडिकल प्रतिष्ठान चलाए जा रहे थे। यह न केवल मरीजों की सुरक्षा के लिए खतरा था, बल्कि पूरे जिले की स्वास्थ्य छवि को प्रभावित कर रहा था।


???? जनहित में ज़रूरी है ये कदम:
इस कदम से यह सुनिश्चित होगा कि जनपद में संचालित हो रहे सभी स्वास्थ्य संस्थान—
- कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त हों
- पर्यावरणीय मानकों का पालन करें
- मरीजों के लिए सुरक्षित हों
- पारदर्शिता के साथ कार्य करें
???? कहां से मिल सकती है सहायता?
यदि किसी संचालक/प्रबन्धक को प्रक्रिया में कोई समस्या आती है, तो वह मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, चंदौली से संपर्क कर सकते हैं। प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता भी समय-समय पर दी जा रही है।
???? Khabari की राय:
CMO चंदौली द्वारा लिया गया यह फैसला न केवल प्रशासनिक अनुशासन को बढ़ाएगा, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी भारी सुधार लाएगा। यह समय की मांग है कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में ‘रजिस्ट्रेशन सिर्फ कागज़ी न रह जाए, बल्कि उसकी प्रक्रिया पारदर्शी और सुरक्षित हो।’
???? क्या आप निजी क्लिनिक/पैथालॉजी संचालक हैं?
क्या आपने नवीनीकरण हेतु आवेदन किया है?
अपना अनुभव नीचे कमेंट में शेयर करें या हमें मेल करें – contact@khabari.in
????️ Khabari – जहां खबर होती है असली और असरदार।
✍️ रिपोर्ट: K.C. श्रीवास्तव,एड० संपादक – Khabari/Wave Portal
